फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tamil Nadu: कलपक्कम परमाणु केंद्र के पास आपदा से निपटने की तैयारी को लेकर मॉक ड्रिल, 10 गांवों में हुआ अभ्यास

Sat, 18 Jul 2026 05:46 PM IST
Pavan पीटीआई, चेन्नई

सार

डीएई के अनुसार, परमाणु बिजली संयंत्रों में ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना बेहद कम होती है। इसकी वजह संयंत्रों की डिजाइन और संचालन में अपनाई जाने वाली 'डिफेंस इन डेप्थ' (बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था) है। इसके बावजूद किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समय-समय पर इस तरह के अभ्यास किए जाते हैं।
विज्ञापन
कलपक्कम परमाणु परिसर के आसपास मॉक ड्रिल - फोटो : पीआईबी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले स्थित कलपक्कम परमाणु परिसर के आसपास शनिवार को ऑफ-साइट इमरजेंसी मॉक ड्रिल (आपदा अभ्यास) आयोजित की गई। परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और परमाणु केंद्र के अधिकारियों की तैयारियों की जांच करना था।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- कितना बढ़ा भारत का रक्षा निर्यात?: राजनाथ बोले- ऑपरेशन सिंदूर भारत की विश्व स्तरीय रक्षा तैयारियों का प्रमाण

कई महत्वपूर्ण परमाणु इकाइयां हैं मौजूद
कलपक्कम केंद्र में कई महत्वपूर्ण परमाणु और अनुसंधान संस्थान संचालित हो रहे हैं। इनमें न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के तहत मद्रास एटॉमिक पावर स्टेशन (एमएपीएस), इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर), प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर), जिसका कमीशनिंग कार्य भाविनी (BHAVINI) कर रही है, तथा भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) की कई सुविधाएं शामिल हैं।
विज्ञापन


आम लोगों का कामकाज नहीं हुआ प्रभावित
परमाणु ऊर्जा विभाग ने बताया कि यह ऑफ-साइट इमरजेंसी अभ्यास इंटीग्रेटेड कमांड, कंट्रोल एंड रिस्पॉन्स (आईसीसीआर) प्रणाली के तहत किया गया। इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि जिले के लोगों की सामान्य दिनचर्या पर कोई असर न पड़े। अभ्यास को अधिक वास्तविक बनाने के लिए पूरे घटनाक्रम और समय-सीमा को अधिकारियों के लिए भी गोपनीय रखा गया था। वहीं, आम लोगों को पहले से जानकारी देकर यह सुनिश्चित किया गया कि किसी तरह की अफवाह या घबराहट न फैले।

विज्ञापन


PFBR में काल्पनिक दुर्घटना का बनाया गया परिदृश्य
इस मॉक ड्रिल के दौरान प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) में एक काल्पनिक दुर्घटना का परिदृश्य तैयार किया गया, जिसके चलते ऑफ-साइट इमरजेंसी घोषित होने की स्थिति का अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने बेहद कम समय में आपदा प्रबंधन, समन्वय और राहत व्यवस्था की तैयारियों का परीक्षण किया।

यह भी पढ़ें- 'असत्य और हिंसा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत': राहुल गांधी ने किया वांगचुक का समर्थन, भूख हड़ताल पर और क्या कहा?

मॉक ड्रिल में 10 गांवों को किया गया शामिल
इस अभ्यास में कलपक्कम के आसपास के 10 गांवों और क्षेत्रों को शामिल किया गया। इनमें अरामबक्कम, मनामई, कदंबाडी, एडैयूर, कोक्किलामेडु, वडाकदंबाडी, पेरुमालेरी, कुन्नाथुर, पूंजेरी और मामल्लापुरम शामिल हैं। परमाणु ऊर्जा विभाग ने कहा कि इस तरह के नियमित अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना और लोगों की सुरक्षा के लिए तैयारियों को परखना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें