ओडिशा में मंगलवार को 18 स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। आईएमडी के क्षेत्रीय केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी ओडिशा में कम से कम चार स्थानों पर तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। दिन में संबलपुर 44.3 डिग्री तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा।
गर्मी के बीच तटीय क्षेत्रों में बारिश से मिली राहत
बौध में 44.2 डिग्री सेल्सियस, बलांगीर और नुआपाड़ा में 44, झारसुगुड़ा में 43.8, मल्कानगिरी और टिटलागढ़ में 43.5, राउरकेला में 43.4, सोनपुर में 43.1, सुंदरगढ़ में 42.8, अंगुल में 42.7, हीराकुड और भवानीपटना में 42.5 और तलचर में 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भुवनेश्वर और कटक में पारा क्रमश: 38.6 और 38 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया और आर्द्रता का स्तर 90 प्रतिशत के करीब पहुंच गया। हालांकि, राज्य की राजधानी और तटीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मंगलवार शाम को गरज के साथ हुई बारिश से राहत मिली।
पांच दिनों में नहीं होगा मौसम में कोई बदलाव
आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि अगले पांच दिनों में राज्य के कई स्थानों पर दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, अंगुल, बौध, सोनपुर, बरगढ़, बोलांगीर और कालाहांडी सहित आंतरिक ओडिशा में कुछ स्थानों पर तापमान 42 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कटक और खुर्दा जिलों में एक या दो स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने और सतही हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, नयागढ़, गंजाम, गजपति, पुरी, क्योंझर, मयूरभंज और ढेंकानाल जिलों में एक या दो स्थानों पर बिजली गिरने के साथ गरज के साथ छींटे पड़ने का भी अनुमान है।
मोबाइल फोन पर मिलेगी मौसम की जानकारी
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने मंगलवार को कहा कि मुंबई के नागरिकों को मानसून के दौरान एसएमएस के जरिए मौसम की जानकारी उनके मोबाइल फोन पर मिलेगी। बीएमसी ने कहा, आपातकाल के दौरान नागरिकों को एक एसएमएस अलर्ट भेजा जाएगा। बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने मंगलवार को मानसून की तैयारी के रूप में आपदा प्रबंधन पर विभिन्न एजेंसियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बेस्ट, एमएमआरडीए, एमएसआरडीसी, पीडब्ल्यूडी, मुंबई मेट्रो, रेलवे, एनडीआरएफ, आईएमडी, म्हाडा और अन्य एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम की स्थिति के बारे में समय पर अलर्ट प्रदान करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि चहल ने सभी विभागों और एजेंसियों को मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों को कम करने के लिए समन्वय में तेजी लाने का निर्देश दिया। बीएमसी को बताया गया कि एनडीआरएफ ने मुंबई में मानसून संबंधी आपात स्थिति के लिए तीन टीमों का गठन किया है। इसके अतिरिक्त, एक अतिरिक्त टीम पूर्वी उपनगरों में तैनात की जाएगी।