ओडिशा के स्वतंत्रता सेनानी नीलमणि सामल का शनिवार को निधन हो गया। उन्होंने 101 वर्ष की आयु में कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके परिवार ने यह जानकारी दी। सामल को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों ने तीन साल के लिए जेल में डाल दिया था। वह राज्य स्वतंत्रता सेनानी समिति, ओडिशा के अध्यक्ष भी थे। उनके परिवार में एक बेटा है। जाजपुर जिले के बालीचंद्रपुर के पास बालीपडिया गांव के रहने वाले स्वतंत्रता सेनानी उम्र से संबंधित जटिलताओं से पीड़ित थे। कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में उनका इलाज चल रहा था।
ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत राज्य के कई मंत्रियों ने सामल के निधन पर शोक जताया। ओडिशा राज्यपाल के एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा गया कि राज्यपाल ने स्वतंत्रता सेनानी नीलमणि सामल के देहांत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा अंतिम संस्कार
वहीं, सीएम पटनायक ने अपने शोक संदेश में कहा कि सामल को स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी बहादुरी के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह आखिरी दम तक युवाओं के बीच देशभक्ति का संदेश फैला रहे थे। पटनायक ने घोषणा की कि सामल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।