ओडिशा के बालासोर के बहनागा बाजार में शुक्रवार को हुए रेल हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 288 तक पहुंच गई है। 1175 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, इनमें से 793 को छुट्टी दे दी गई और 382 का इलाज चल रहा है। दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
काम की तलाश में तमिलनाडु जाते समय पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के तीन भाइयों की ओडिशा के बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना में मौत हो गई। उनकी पहचान चरनीखली गांव के निवासी हरन गायेन (40), निशिकांत गायेन (35) और दिबाकर गायेन (32) के रूप में हुई है। आमतौर पर साल के ज्यादातर समय तीनों भाई तमिलनाडु में रहते थे। वे वहां छोटे-मोटे काम करते थे।
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कुछ दिन पहले घर आए थे
वे कुछ दिन पहले घर आए थे और इस बार खेतिहर मजदूर के रूप में काम की तलाश में कोरोमंडल एक्सप्रेस से वापस तमिलनाडु जा रहे थे। तीनों भाइयों की मौत की सूचना मिलते ही उनके गांव में मातम पसर गया।
हरन के परिवार का हाल बेहाल
स्थानीय लोगों ने कहा कि हरन की पत्नी अंजिता बीमार रहती हैं। उन्होंने कहा कि अब अंजिता का उपचार कैसे होगा, यह सवाल सबको परेशान कर रहा है। उनके परिवार में दो विवाहित बेटियां और एक बेटा है। बेटे ने हाल ही में काम करना शुरू किया है। वह एक स्थानीय भोजनालय में काम करता है। बेटे अभिजीत ने कहा कि मेरे पिता और चाचा अब नहीं रहे, हमारा परिवार तबाह हो गया है।
निशिकांत के दो नाबालिग बच्चे
निशिकांत के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटी और एक बेटा है। वे दोनों नाबालिग हैं। दिबाकर के घर में दो बेटे और उनकी पत्नी हैं। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार शाम को हुई इस दुर्घटना में जिले के 12 लोगों की मौत हुई है। इस दौरान 110 लोग घायल हुए हैं, 44 लापता हैं और 16 अब तक अपने घर लौट चुके हैं। मृतकों में तीन भाइयों समेत छह लोग बसंती प्रखंड के हैं, दो काकद्वीप और एक-एक जॉयनगर-2, बरुईपुर, कैनिंग-1 और मगराहाट-1 प्रखंड के हैं।