केंद्रपाड़ा सदर थाना क्षेत्र के बलिया बाजार में भगवान कार्तिकेश्वर की मूर्ति के विसर्जन स्थल पर विभिन्न पूजा पंडालों में पटाखे फोड़ने की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। उसी दौरान आतिशबाजी से निकली एक चिंगारी पटाखों के ढेर पर जा गिरी, जिससे विस्फोट हो गया और लोग झुलस गए।
ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में पटाखे फोड़ने की प्रतियोगिता के दौरान हुए हादसे के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हादसे में 40 लोग झुलस गए थे। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पुलिस ने अरखित मल्लिक, चिंटू दास और भरत चंद्र मल्लिक के रूप में की है। पुलिस ने कहा कि तीनों पटाखा फोड़ने की प्रतियोगिता के आयोजक हैं।
विज्ञापन
बुधवार को केंद्रपाड़ा सदर थाना क्षेत्र के बलिया बाजार में भगवान कार्तिकेश्वर की मूर्ति के विसर्जन स्थल पर विभिन्न पूजा पंडालों में पटाखे फोड़ने की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। उसी दौरान आतिशबाजी से निकली एक चिंगारी पटाखों के ढेर पर जा गिरी, जिससे विस्फोट हो गया और लोग झुलस गए। इस दौरान यातायात बाधित हो गया। केंद्रपाड़ा सदर पुलिस थाने के निरीक्षक पबित्रा मोहराना ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर आईपीसी की धारा 337 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से चोट पहुंचाना), 338 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से गंभीर चोट पहुंचाना) और 286 (विस्फोटक पदार्थ के संबंध में लापरवाही बरतना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
अभी इस मामले में और लोगों को गिरफ्तार किया जाना है। उन्हें पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। पटाखा निर्माताओं सहित कुछ आरोपी व्यक्ति भी झुलस गए हैं और अब उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि आयोजकों ने सड़क पर इस तरह का आयोजन करने की अनुमति नहीं ली थी। जांच के दौरान पता चला कि एक जगह पर चिंगारी गिरने से वहां रखे पटाखों में आग लग गई। कार्तिकेश्वर की मूर्तियों के विसर्जन के दौरान आतिशबाजी करना स्थानीय परंपरा का हिस्सा है। इस आयोजन में करीब नौ पूजा समितियों ने भाग लिया।