ओडिशा में हाई स्कूल शिक्षक पिता ने वर्षों तक अपनी ही बेटी को हवस का शिकार बनाया है। वहीं, प्रताड़ना झेलने के बाद भी आरोपी पिता शादी से पहले और शादी के बाद भी लगातार बेटी का यौन शोषण करता रहा। पिता के अत्याचारों और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर बेटी ने खुद को आग लगा ली है।
ओडिशा के गंजम जिले से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 57 वर्षीय हाई स्कूल शिक्षक को अपनी ही बेटी का कई वर्षों तक यौन शोषण करने के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता ने इन प्रताड़नाओं से तंग आकर खुद को आग लगा ली थी, जिसके बाद यह पूरा मामला खुलकर सामने आया।
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शादी के बाद भी करता रहा शोषण
पुलिस के अनुसार, 22 वर्षीय पीड़िता की शादी हो चुकी थी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसका पिता शादी से पहले तो उसका यौन शोषण करता ही था, लेकिन शादी हो जाने के बाद भी उसने यह घिनौनी हरकत बंद नहीं की और उसे लगातार प्रताड़ित करता रहा।
महिला ने खुद को लगाई आग
लगातार मिल रही प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर महिला ने गुरुवार को अपने ससुराल में खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। इस हादसे में वह 75 फीसदी तक जल गई। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए भुवनेश्वर के एक अस्पताल में रेफर किया गया है।
बयान दर्ज होने पर खुला राज
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आलोक जेना ने बताया कि जब 'एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल' में पीड़िता का बयान दर्ज किया जा रहा था, तब उसने अपने पिता और दो अन्य लोगों के नामों का खुलासा किया। शुरुआती सबूतों के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।
ब्लैकमेलिंग बनी आत्मघाती कदम की वजह
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी पिता ने पीड़िता के ससुर से 10 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसे वह वापस नहीं कर पा रहा था। जब ससुर ने महिला से अपने पिता से पैसे वापस मांगने को कहा, तो महिला ने अपने पिता से बात की। पैसे लौटाने के बजाय, आरोपी पिता ने अपनी ही बेटी को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने धमकी दी कि अगर उसने पैसों के लिए दोबारा दबाव बनाया, तो वह उसकी निजी तस्वीरें इंटरनेट या सार्वजनिक तौर पर वायरल कर देगा। इस धमकी से परेशान होकर महिला ने आत्मघाती कदम उठाया।
मामले में पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने नीमाखंडी थाने में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए आरोपी पिता और पीड़िता के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं ताकि साइबर फॉरेंसिक जांच की जा सके। इसके साथ ही फॉरेंसिक (वैज्ञानिक) टीम ने घटनास्थल का दौरा कर भौतिक सबूत भी जुटाए हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।