केंद्र सरकार ने चक्रवात ‘फैनी’ से भयंकर तूफान आने की आशंका के मद्देनजर एनडीआरएफ और भारतीय तटरक्षक बलों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही मछुआरों को समुद्र में न जा ने की चेतावनी दी है। बृहस्पतिवार तक यह तूफान बेहद खतरनाक चक्रवात का रूप ले सकता है। तूफान के खतरे को देखते हुए केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, अभी तूफान श्रीलंका के त्रिंकोमाली से 620 किलोमीटर पूर्व, तमिलनाडु में चेन्नई से 880 किलोमीटर दक्षिण पूर्व और आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम से 1050 किलोमीटर दक्षिण दक्षिणपूर्व में है। अगले 6 घंटे में इसके और तेज होने की आशंका है और 24 घंटों में यह भयंकर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है।
1 मई की शाम तक इसके उत्तर पश्चिम में बढ़ने के आसार हैं। आपातकालीन स्थिति में देश की शीर्ष संस्था राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने सोमवार को ‘फैनी’ की स्थिति का जायजा लिया और राज्य सरकारों को केंद्र सरकार से सभी तरह की मदद मिलने का आश्वासन दिया। गृह मंत्रालय ने एनडीआरएफ और कोस्ट गार्ड को अलर्ट पर रहने को कहा है। मौसम विभाग ने 29 और 30 अप्रैल को केरल में भारी बारिश की आशंका जताई है।
पीएम करीब से स्थिति पर रख रहे नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। उनके निर्देश के बाद ही एनसीएमसी की बैठक हुई। कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव व प्रधान सचिव वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शामिल हुए।
‘फैनी तूफान के कारण बन रही स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने और हर संभव मदद के लिए तैयार रहने को कहा है। साथ ही उनसे प्रभावित राज्यों की सरकारों के साथ करीब से काम करने की अपील की है। हर किसी की सुरक्षा एवं बेहतरी के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।’ - पीएम नरेंद्र मोदी (ट्वीट)
ओडिशा में तटीय जिलों में अलर्ट
ओडिशा सरकार ने दक्षिणी और तटीय जिलों को अलर्ट कर दिया है। हालांकि सरकार का कहना है कि तूफान के कारण राज्य में भूस्खलन की संभावना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी 880 चक्रवात केंद्रों के अलावा ओडीआरएएफ की 20 इकाइयों, एनडीआरएफ की 12 इकाइयों और 335 अग्निशमन इकाइयों को भी अलर्ट पर रखा गया है।