जांच अधिकारी अनु गर्ग ने कहा कि 'हमने विभिन्न हितधारकों के बयान दर्ज किए हैं, जो भुवनेश्वर और पुरी में चार अलग-अलग समय पर दर्ज किए गए।' भुवनेश्वर में हुई पिछली सुनवाई में जांच समिति ने 17 लोगों को बयान दर्ज किए थे।
पुरी में बीते महीने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ के मामले में जांच समिति ने 147 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। भगदड़ की घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी और 50 के करीब लोग घायल हुए थे। प्रशासनिक जांच समिति का नेतृत्व विकास आयुक्त कम अतिरिक्त मुख्य सचिव अनु गर्ग कर रही हैं। बुधवार को 42 लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए।
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30 जुलाई को रिपोर्ट सौंपेगी जांच समिति
गवाहों के बयान भुवनेश्वर में स्पेशल सर्किट हाउस में दर्ज किए गए। बुधवार को जिन लोगों के बयान दर्ज किए गए, उनमें इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में तैनात पुलिसकर्मी और स्टाफ कर्मचारी शामिल रहे। जांच समिति को 30 जुलाई को जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। जांच अधिकारी अनु गर्ग ने कहा कि 'हमने विभिन्न हितधारकों के बयान दर्ज किए हैं, जो भुवनेश्वर और पुरी में चार अलग-अलग समय पर दर्ज किए गए।' भुवनेश्वर में हुई पिछली सुनवाई में जांच समिति ने 17 लोगों को बयान दर्ज किए थे।
29 जून को हुई थी भगदड़
पुरी में भगदड़ की घटना 29 जून को श्री गुंडिचा मंदिर के बाहर हुई थी। भगवान जगन्नाथ और भाई-बहनों के रथ गुंडिचा मंदिर से वापस जगन्नाथ मंदिर जाने के लिए श्री गुंडिचा मंदिर के बाहर थे, तभी वहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे भगदड़ मच गई। भगदड़ के बाद पुरी के तत्कालीन जिलाधिकारी और एसपी को निलंबित कर दिया गया था। घटना के अगले ही दिन जांच शुरू हो गई थी।