ओडिशा में निलंबित विधायक देर रात तक विधानसभा में ही डटे रहे
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
ओडिशा की विधानसभा में असंसदीय आचरण करने के दोषी विधायकों को स्पीकर ने निलंबित कर दिया। निलंबित विधायकों में कांग्रेस विधायक दल के नेता रमा चंद्र कदम, सागर चरण दास, मांगू खिल्ला, सत्यजीत गोमांगो, अशोक कुमार दास, दासरथी गमांगो और सोफिया फिरदौस शामिल हैं। अध्यक्ष के फैसले के बाद कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया और विरोध में घंटी बजाने लगे। देर रात तक विधायक सदन में ही डटे रहे। ओडिशा कांग्रेस की तरफ से जारी एक वीडियो में देखा जा सकता है कि निलंबित विधायक विधानसभा के वेल में ही फ्लोर पर सो गए।
12 विधायकों को निलंबित करना अलोकतांत्रिक, 27 मार्च को विधानसभा का घेराव
भुवनेश्वर में मौजूद ओडिशा के कांग्रेस प्रभारी अजय कुमार लल्लू ने विधानसभा के बाहर मीडिया से कहा, 'देश में महिला सुरक्षा की बात करना कब से अपराध हो गया... ओडिशा में 64000 से ज़्यादा महिलाएं लापता हैं. हर दिन गैंगरेप हो रहे हैं... अगर चुने हुए विधायक सरकार से इन मुद्दों पर जवाब मांगते हैं, तो सरकार को किस बात का डर है?... हमारे 12 विधायकों को निलंबित करना अलोकतांत्रिक है. हम चुप नहीं बैठेंगे. हम 27 मार्च को विधानसभा का घेराव करेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे
रात में सदन के भीतर जाने से रोके गए कांग्रेस के बड़े नेता
इस मामले में ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, 'पूर्व विधायक कभी भी विधानसभा की लॉबी तक जा सकते हैं। हम अपराधी नहीं हैं... हमें रोकने के लिए कोई कारण होना चाहिए... क्या हमें अपने विधायकों से मिलने के लिए अंदर नहीं जाना चाहिए?'
किन आरोपों में हुआ कांग्रेस विधायकों का निलंबन
इससे पहले कांग्रेस विधायकों के निलंबन पर ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने कहा, 'अनुशासनहीनता, आसन का अनादर करने और नियमों का उल्लंघन' करने के आरोप में 12 कांग्रेस विधायकों को सात दिनों के लिए सदन से निलंबित किया गया है। देर रात कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को विधानसभा में प्रवेश करने से रोक दिया गया।