संबलपुर पुलिस अधीक्षक बी गंगाधर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए बताया कि पीआर बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। हमने एक सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है और हिंसा के बाद से सोशल मीडिया पर पूरी तरह से नजर रख रहे हैं।
हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान पश्चिमी ओडिशा के संबलपुर शहर में सांप्रदायिक हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाने के आरोप में पुलिस ने 16 लोगों को हिरासत में लिया था।
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हालांकि, पुलिस ने उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने की चेतावनी देकर रिहा कर दिया।
संबलपुर पुलिस अधीक्षक बी गंगाधर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए बताया कि पीआर बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। हिंसा के बाद से सोशल मीडिया पर पूरी तरह से नजर रख रहे हैं। एसपी ने लोगों से सोशल मीडिया की जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और नफरत भरे संदेश पोस्ट करने से बचने की भी अपील की।
हिंसा के बाद 13 अप्रैल को संबलपुर जिले में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं। शहर में कर्फ्यू भी लगा दिया गया था। हालांकि, स्थिति में सुधार होने पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं धीरे-धीरे बहाल कर दी गईं। एसपी ने कहा कि शहर में स्थिति सामान्य हो रही है और हिंसा के सिलसिले में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।