ओडिशा के मयूरभंज जिले के बारिपदा में एक महिला को जादू टोना करने के संदेह में एक 30 वर्षीय व्यक्ति ने मौत के घाट उतार दिया। इसके वाद वह खुद महिला के कटे हुए सिर के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचकर आत्मसमर्पण करने पहुंच गया। पुलिस ने बताया कि वह पुलिस स्टेशन तक पहुंचने के लिए लगभग 13 किलोमीटर पैदल चला।
आरोपी बुद्धूराम सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने सुबह अपनी चाची चंपा सिंह को मार डाला, क्योंकि उसे शक था कि उसकी बेटी की मौत तीन दिन पहले 60 वर्षीय महिला द्वारा किए गए काले जादू के कारण हुई थी। खूंटा पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक स्वर्णलता मिंज ने कहा कि बुधुराम सिंह और महिला दोनों नुआसाही गांव में रहते थे और आदिवासी थे। आरोपी ने पुलिस को वो कुल्हाड़ी भी सौंपी, जिससे उसने महिला का सिर धड़ से अलग किया था।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि चंपा सिंह अपने घर के बरामदे में सो रही थी, जब बुधुराम सिंह ने उसे घसीटकर बाहर निकाला और हत्या कर दी। इसके बाद वह मुंह पर गमछा लपेटकर वह थाने के लिए चल पड़ा। सूत्रों ने कहा कि कई लोग घटनास्थल पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने बुधराम सिंह को रोकने की कोशिश नहीं की। पुलिस ने बुधराम सिंह को गिरफ्तार कर लिया और हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। ओडिशा में 2010 के बाद से सालाना औसतन 60 जादू टोना संबंधी हत्याएं हुई हैं, जिनमें से ज्यादातर आदिवासी बेल्ट से हुई हैं। सूत्रों ने बताया कि उनमें से 12 मयूरभंज से आए हैं।