ओडिशा में ब्लास्ट में मारा गया पत्रकार।
- फोटो : प्रतीकात्मक
ओडिशा में कालाहांडी जिले में शनिवार को एक पत्रकार की बम धमाके में मौत हो गई। आईईडी विस्फोट के पीछे माओवादियों का हाथ होने की आशंका जताई गई है। पुलिस के मुताबिक, भुवनेश्वर से प्रकाशित होने वाले एक प्रमुख ओडिया दैनिक के रिपोर्टर-फोटोग्राफर रोहित कुमार बिस्वाल यहां नक्सल प्रभावित इलाके में आए थे। यहां जब वे एक पेड़ के पास पहुंचे, तो वहां अचानक ही ब्लास्ट हो गया। जिस जगह धमाका हुआ, वहां माओवादियों ने पहले ही कुछ पोस्टर और एक बैनर लगाए थे। इन पोस्टरों में आम लोगों को चेतावनी दी गई थी कि वे फरवरी के अंत में शुरू होने जा रहे पांच चरणों वाले पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर दें।
कालाहांडी जिले के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर विवेक एम ने कहा, “जब भी ऐसे पोस्टर दिखते हैं तो स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के पास एक एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) होती है, क्योंकि ऐसी जगहों पर सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए माओवादी की तरफ से आईईडी लगाए जाने की आशंका रहती है।" उन्होंने बताया कि हमारी टीम सतर्क थी, लेकिन इससे पहले कि हम मौके पर पहुंचते, दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई।
उन्होंने कहा कि इससे पहले कि पुलिसकर्मी मेटल डिटेक्टर से इलाके की तलाशी लेते, 46 वर्षीय पत्रकार पेड़ के पास पहुंच गए और विस्फोट में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू कर दी है। विस्फोट में मारे गए पत्रकार के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पीड़ित परिवार के लिए 13 लाख रुपये की राशि की घोषणा की।
वहीं, राज्य सरकार के मीडिया सलाहकार मानस मंगराज ने कहा कि ओडिशा पुलिस पत्रकार के परिवार को नौ लाख रुपये देगी, जबकि शेष चार लाख रुपये पत्रकार कल्याण कोष से दिए जाएंगे। ओडिशा पत्रकार संघ के अध्यक्ष प्रसन्ना मोहंती ने घटना की निंदा की और बिस्वाल के परिवार को पर्याप्त मुआवजा दिए जाने की मांग की। संगठन ने वाम उग्रवाद से प्रभावित जिलों में काम करनेवाले पत्रकारों के लिए उचित सुरक्षा की भी मांग की।