ओडिशा ने भुवनेश्वर में दो दिवसीय क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट समिट 2025 की मेजबानी की। इस शिखर सम्मेलन में नीति-निर्माता, उद्योग जगत के नेता, शिक्षाविद, नवोन्मेषक और स्टार्टअप्स एक साथ जुटे हैं, ताकि 3P — पीपल (लोग), प्लैनेट (पर्यावरण) और प्रोग्रेस (प्रगति) पर केंद्रित, बड़े पैमाने पर लागू की जा सकने वाली सार्वजनिक एआई समाधानों को आगे बढ़ाया जा सके।
ओडिशा की राजधानी में क्षेत्रीय एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2025 में रोबोटिक एंट्री ने सबको चौंका दिया। रोबोट एंट्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। समिट में मिस्र ने भारत के साथ मिलकर एआई के क्षेत्र में काम करने की घोषणा की। दोनों देशों के साझा मूल्य इस साझेदारी को और मजबूत बनाएंगे।
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समिट में जब मिस्र सरकार के एआई गवर्नेंस विशेषज्ञ, अहमद हेफनावी मीडिया से बात कर रहे थे, तभी उनके पीछे से एक ह्यूमनॉइड (मानव जैसा दिखने वाला रोबोट) बड़े ही सहज अंदाज में टहलते हुए निकला। इस नजारे ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
वीडियो में रोबोट का सहजता से चलना भविष्य की तकनीक की झलक पेश करता है। अहमद हेफनावी ने भारत की तकनीकी प्रगति की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, मिस्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में भारत के साथ मिलकर काम करने और सहयोग बढ़ाने के लिए बेहद उत्साहित है। यह समिट ओडिशा की बढ़ती तकनीकी ताकत का प्रमाण है। ओडिशा भारत का पहला राज्य है जिसकी अपनी स्वीकृत एआई नीति है। इस समिट के जरिये राज्य सरकार ने एआई के जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।