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Odisha: हीराकुंड बांध के 20 गेटों से महानदी में छोड़ा पानी, सरकार ने सात जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा

Mon, 29 Jul 2024 12:25 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

हीराकुंड बांध के अधिकारियों ने पारंपरिक पूजा के बाद सबसे पहले सात नंबर द्वार खोला और उसके बाद अन्य द्वार भी खोले गए। बांध के कुल 67 द्वारों में से 20 को तीन चरणों में खोला गया है। पहले चरण में सुबह साढ़े नौ बजे सात द्वार खोले गए। दूसरे चरण में दोपहर 12:30 बजे सात द्वार और तीसरे चरण में ढाई बजे के बाद छह द्वार खोले गए। 
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हीराकुंड बांध (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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ओडिशा में लगातार बारिश के चलते हीराकुंड बांध का जलस्तर बढ़ गया है। जिसके चलते इस मौसम में पहली बार महानदी में बाढ़ का पानी छोड़ा गया है। जिसके बाद रविवार को राज्य सरकार ने सात निचले जिलों के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। वहीं, लोगों से भी आह्वान किया है कि वह नदी किनारे जाने से बचें। 

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हीराकुंड बांध के अधिकारियों ने पारंपरिक पूजा के बाद सबसे पहले सात नंबर द्वार खोला और उसके बाद अन्य द्वार भी खोले गए। बांध के कुल 67 द्वारों में से 20 को तीन चरणों में खोला गया है। पहले चरण में सुबह साढ़े नौ बजे सात द्वार खोले गए। दूसरे चरण में दोपहर 12:30 बजे सात द्वार और तीसरे चरण में ढाई बजे के बाद छह द्वार खोले गए। 

सुबह छह बजे हीराकुंड का जलस्तर 616.93 फीट था, जबकि जलाशय की क्षमता 630 फीट है। जलाशय में पानी का प्रवाह 3,16,000 क्यूसेक था, जबकि बाहर छोड़े जा रहे पानी का प्रवाह 40,126 क्यूसेक था।
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राज्य सरकार ने एक बयान में कहा, संबलपुर, सोनपुर, नयागढ़, पुरी, कटक, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा के जिलाधिकारियों को निचले इलाकों के लोगों को महानदी के किनारे न जाने के लिए सचेत करने को कहा गया है। जानवरों को भी नदी के करीब जाने की अनुमति नहीं होगी। जिलाधिकारियों से भी सतर्क रहने और स्थिति पर नजर रखने का अनुरोध किया गया है।

राज्य सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि 20 गेट खुलने के कारण, 29 जुलाई को सुबह 8 बजे तक खैरमल का डिस्चार्ज लगभग 4.50 लाख क्यूसेक होगा और 30 जुलाई को सुबह 11 बजे तक मुंडाली का डिस्चार्ज लगभग 5 लाख क्यूसेक होगा।

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) ने कलेक्टरों को लिखे एक पत्र में कहा कि जिला आपातकालीन संचालन केंद्र भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संचालित किया जाएगा। ओडिशा की प्रमुख नदियों में से एक बैतरणी के जलस्तर में भी दोपहर के समय वृद्धि की प्रवृत्ति देखी गई। भद्रक जिले के अखुआपाड़ा में चेतावनी स्तर 17.83 मीटर और खतरे का स्तर 18.33 के मुकाबले पानी 17.40 मीटर के स्तर पर बह रहा था।

इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले चार दिनों तक ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश जारी रहेगी। सोमवार को मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़, बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 30 जुलाई को मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़, बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी ने कहा कि अगले दो दिनों में बारिश बढ़ेगी।

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