29 जनवरी की शाम को झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर में एक पुलिसकर्मी ने 60 वर्षीय दास को गोली मार दी थी। इसके कुछ घंटों बाद मंत्री की मौत हो गई थी। नब दास यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। ओडिशा पुलिस ने सहायक उप-निरीक्षक गोपाल दास को मंत्री को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को गोपाल दास को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नब दास हत्या मामले में आरोपी गोपाल दास को 13 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इसके अलावा कोर्ट ने कोर्ट ने पुलिस को आरोपी का पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराने की भी इजाजत दे दी है। हाल ही में ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नब दास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नब दास को गोली उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी ने ही मारी थी, जिसे तुरंत पकड़ लिया गया था।
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आरोपी की पत्नी ने मानसिक रूप से बीमार होने का दावा किया था
आरोपी गोपाल दास की पत्नी जयंती ने दावा किया है कि उसका पति मानसिक विकार से पीड़ित था और दवा ले रहा था। उनके मनोचिकित्सक चंद्र शेखर त्रिपाठी ने भी जयंती के दावे की पुष्टि की। डॉ त्रिपाठी, जो एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, बेरहामपुर के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख हैं, ने कहा था, दास को लगभग आठ साल पहले बाइपोलर डिसऑर्डर से प्रभावित होने का पता चला था। वह पहली बार लगभग आठ से दस साल पहले मेरे क्लिनिक में आए थे। उन्होंने इसका इस्तेमाल किया था। बहुत जल्दी गुस्सा हो जाते थे और इसका इलाज चल रहा था।
एएसआई गोपाल दास ने मारी थी मंत्री को गोली
29 जनवरी की शाम को झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर में एक पुलिसकर्मी ने 60 वर्षीय दास को गोली मार दी थी। इसके कुछ घंटों बाद मंत्री की मौत हो गई थी। नब दास यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। ओडिशा पुलिस ने सहायक उप-निरीक्षक गोपाल दास को मंत्री को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को गोपाल दास को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
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राज्य सरकार ने मंत्री नब दास की हत्या के बाद मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी थी। वहीं, विपक्षी भाजपा ने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की थी और दावा किया था कि ओडिशा पुलिस दिवंगत मंत्री को न्याय नहीं दिला सकती, क्योंकि एक पुलिसकर्मी इस मामले में मुख्य आरोपी है। वहीं, कांग्रेस ने अदालत की निगरानी वाले विशेष जांच दल से मामले की जांच कराने की मांग की है।