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Social Media: सोशल मीडिया पर अपशब्दों के इस्तेमाल के खिलाफ कानून लाएगी ओडिशा सरकार, कानून मंत्री ने दी जानकारी

Thu, 09 Apr 2026 04:17 AM IST
Nitin Gautam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

ओडिशा सरकार सोशल मीडिया पर गालियों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल रोकने के लिए एक कानून लाने की योजना बना रही है। खास बात ये है कि सार्वजनिक जगहों पर भी गालियां देने वालों को इस कानून के दायरे में लाने की तैयारी है। 
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सोशल मीडिया - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बताया कि राज्य सरकार सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कानून लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि ये प्लेटफॉर्म 'टॉक्सिक मीडिया' में बदलते जा रहे हैं। मंत्री ने एक्स पर साझा एक पोस्ट में बताया, 'सोशल मीडिया पर अशोभनीय टिप्पणी करने वालों को इससे बचना चाहिए, वरना आने वाले दिनों में सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।'
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सार्वजनिक जगहों पर भी अभद्र भाषा के खिलाफ कानून बनाने की योजना
उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि सोशल मीडिया धीरे-धीरे जहरीले मीडिया का रूप ले रहा है, जहां बिना किसी रोक-टोक के अभद्र भाषा का इस्तेमाल हो रहा है। प्रस्तावित कानून अश्लील और अपमानजनक टिप्पणियों को निशाना बनाएगा और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने वालों की जवाबदेही तय करेगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार जिस कानून पर विचार कर रही है, उसका दायरा सार्वजनिक स्थानों तक भी बढ़ाया जा सकता है, जिससे अभद्र भाषा के उपयोग को नियमन के दायरे में लाया जा सके।

विधि आयोग ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपी
राज्य विधि आयोग ने सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के लिए अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप दी हैं। इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए ओडिशा भाजपा के सोशल मीडिया प्रमुख उमाकांत पटनायक ने कहा कि दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त कानून जरूरी है। वहीं, बीजद की युवा इकाई के अध्यक्ष चिन्मय साहू ने आशंका जताई कि भाजपा इस प्रस्तावित कानून का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर सकती है और विरोधियों को निशाना बना सकती है। कांग्रेस की छात्र इकाई के नेता यासिर नवाज ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता ही सोशल मीडिया पर अपने विरोधियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
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