ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। सरकार बाढ़ प्रभावित गंजाम और गजपति जिलों में हवाई मार्ग से भोजन के पैकेट गिराने की तैयारी कर रही है। चक्रवात 'अर्नब' के दौरान लगातार हुई बारिश के कारण आई बाढ़ में हजारों लोग 24 घंटे से अधिक समय से फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, जिनके पास जल संसाधन विभाग का प्रभार भी है, ने गंजाम और गजपति जिलों में हुई अप्रत्याशित भारी बारिश पर चिंता जताई।
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बैठक में मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने आज एक बैठक में कहा, 'चक्रवात 'अर्नब' की तैयारियों के तहत, प्रशासन को उम्मीद थी कि इस आपदा का सबसे ज्यादा असर मलकानगिरी में हो सकता है। लेकिन, किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि गंजाम जिले में इतनी भारी बारिश होगी और भीषण बाढ़ आ जाएगी।' उन्होंने बताया कि गंजाम जिले के पात्रापुर ब्लॉक में 24 घंटे के भीतर 54 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, गंजाम और गजपति के कई अन्य इलाकों में भी असामान्य रूप से भारी बारिश हुई, जिससे भीषण बाढ़ आ गई। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा, 'गंजाम में 24 घंटे के भीतर हुई बारिश की मात्रा, उस इलाके की सालाना औसत बारिश से भी अधिक है।'
उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी का बहाव इतना तेज था कि एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ के जवान कई प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच सके। इसलिए, भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड) से अनुरोध किया गया है कि वे फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालें और गंजाम जिले के उन इलाकों में भोजन के पैकेट पहुंचाएं, जहां पहुंचना मुश्किल है। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि गंजाम में बाढ़ से लगभग 50,000 लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
आंध्र प्रदेश के सीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण
चक्रवात के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अपने फील्ड निरीक्षण के दूसरे दिन मोगलथुरु का दौरा किया। उन्होंने चक्रवात 'अर्नब' के कारण हुई भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया।
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राहत कार्य के लिए क्या है सरकार की तैयारी?
मुख्य सचिव ने कहा कि गंजाम जिले में 21 ऐसी जगहों की पहचान की गई है, जहां तक भोजन और पानी पहुंचाने का कोई अन्य साधन नहीं है। इन जगहों पर हवाई मार्ग से भोजन के पैकेट गिराने के लिए रक्षा बलों के हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। मंत्री ने बताया कि पिछले 12 घंटों में बारिश कम होने के बाद, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ओडीआरएएफ) के जवान उन इलाकों में पका हुआ खाना बांटेंगे, जहां लोग अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। पुजारी ने कहा कि पानी के तेज बहाव के कारण आधुनिक नावों का इस्तेमाल करके भी प्रभावित लोगों तक पहुंचना मुमकिन नहीं था। उन्होंने बताया कि राज्य भर में तैनात 313 बचाव दलों में से 100 से अधिक दल गंजाम और गजपति जिलों में काम कर रहे हैं।