ओडिशा के मयूरभंज जिले की एक अदालत ने सात साल पहले एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के जुर्म में 30 वर्षीय एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विशेष लोक अभियोजक मनोरंजन कुमार पटनायक ने बताया कि मयूरभंज जिला फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश दुर्गा चरण मिश्रा ने चुमरू टोपनो पर 30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मृतक नाबालिग लड़की के माता-पिता को मुआवजे के रूप में 11 लाख रुपये देने का भी निर्देश दिया। घटना 24 मार्च 2016 को सैन कुमरुम गांव के पास सैन सियाजंग जंगल में हुई थी। आरोपी चुमरू नाबालिग लड़की को जंगल में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद आरोपी ने रस्सी से उसका गला घोंट दिया।
पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 और पॉक्सो एक्ट की छह के तहत हत्या का मामला दर्ज किया था। इसके बाद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। विशेष सरकारी वकील ने कहा कि फैसला 39 गवाहों के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर आधारित था।