देश में नीट और जेईई (मेंस) परीक्षा को लेकर चल रहे विरोध और समर्थन के बीच गुरुवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर बात की।
बता दें कि, इससे पहले पटनायक ने मंगलवार को (25 अगस्त) केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर सितंबर में आयोजित होने जा रही इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन और मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) को स्थगित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि कोविड-19 महामारी के माहौल में विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र जाना काफी असुरक्षित होगा। जेईई मेन परीक्षा 1-6 सितंबर के बीच होनी है जबकि नीट 13 सितंबर को होगी।
पटनायक ने पत्र में लिखा था कि 'ओडिशा से जेईई मेन में 50 हजार और नीट में 40 हजार बच्चों को शामिल होना है। जबकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने राज्य में सिर्फ सात शहरों में ही सेंटर बनाए हैं। ऐसे में कोविड-19 महामारी के चलते बच्चों को परीक्षा केंद्र पर जाना असुरक्षित होगा। इसके अलावा कोविड-19 संक्रमण के मामलों को देखते हुए कई जिलों में स्थानीय तौर पर लॉकडाउन/शटडाउन चल रहा है। वहां परिवहन सुविधाएं भी बाधित हैं। इसके अलावा ओडिशा का काफी बड़ा आदिवासी इलाका शहरी क्षेत्रों से दूर है। आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए काफी लंबी यात्रा करके आना होगा। ऐसे में मैं परीक्षा स्थगित कर इसे बाद में कराने का अनुरोध करता हूं।'
सभी 30 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाने की मांग
पटनायक ने कहा है कि एनटीए जब भी परीक्षा आयोजित करे, तो राज्य के सभी 30 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए ताकि छात्रों को आने-जाने में 2-3 घंटे से ज्यादा समय न लगे। इससे परीक्षा में ज्यादा से ज्यादा छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।
पटनायक से पहले दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे समेत कई राजनेता भी नीट और जेईई परीक्षा टालने की मांग कर चुके हैं।