ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक।
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ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके संबंध मित्रवत हैं, लेकिन राज्य में भाजपा उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी है। ओडिशा साहित्य महोत्सव (ओएलएफ) में रविवार को उन्होंने कहा, न केवल पीएम मोदी के साथ अच्छे मित्रवत संबंध हैं, बल्कि ओडिशा के विकास के लिए उन्हें केंद्र सरकार से अच्छा सहयोग मिल रहा है।
असल में उनसे पूछा गया था कि क्या देश का संघीय ढांचा खतरे में है? इसके जवाब में उन्होंने कहा, हमारा सरोकार अपने राज्य के विकास और कल्याण से है। केंद्र इसमें हमारा भरपूर सहयोग करता है। पटनायक के इस बयान को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है, क्योंकि कुछ क्षेत्रीय दल और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अक्सर यह आरोप लगाते रहे हैं कि मोदी सरकार गैर-भाजपा राज्यों के साथ संघीय व्यवस्था के लिहाज से उचित व्यवहार नहीं करती है।
जबकि, पटनायक पहले यह आरोप कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार पर लगाते थे। फिलहाल, बीजद कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से समान दूरी बनाए रखते हुए ओडिशा तक सीमित रहना चाहती है। हालांकि, बीजद और राजग के बीच कई बार नजदीकी देखी गई है। मसलन, 2020 में राज्यसभा चुनाव में पटनायक ने भाजपा के उम्मीदवार अश्विनी वैष्णव का समर्थन किया था। इसके चलते कांग्रेस ने बीजद और भाजपा को एक ही सिक्के के दो पहलू करार दिया था।
वहीं, धामनगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के नतीजों पर पटनायक ने कहा, लोगों के फैसले का सम्मान करना चाहिए। धामनगर में भाजपा के सूर्यवंशी सूरज ने बीजद के अबंती दास को 9,881 मतों के अंतर से हराया है। उन्होंने कहा, धामनगर के विधायक का हाल ही में निधन हुआ है। वे यहां बहुत लोकप्रिय थे। भाजपा ने उनके बेटे को टिकट दिया गया। इस सीट पर कई वर्षों से भाजपा का कब्जा है। लिहाजा, यहां भाजपा का जीतना हैरत की बात नहीं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि हाल के पंचायत और शहरी निकायों के चुनावों बीजद ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ओडिशा में मुकाबला भाजपा और बीजद के बीच ही होगा, क्योंकि कांग्रेस यहां लगभग खत्म हो चुकी है।