ओडिशा के मयूरभंज जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 10वीं की छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया, जिसकी बाद में मौत हो गई। मामले में लापरवाही के आरोप में प्रभारी प्रधानाध्यापिका नमिता माझी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, बीजेडी ने छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच पर सवाल उठाए हैं।
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ओडिशा सरकार ने मयूरभंज जिले के एक आवासीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब स्कूल की 10वीं कक्षा की एक छात्रा ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह घटना धनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में हुई।
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मंगलवार को स्कूल की एक छात्रा ने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने पाया कि छात्रा गर्भवती है। उसे बारीपदा स्थित पंडित रधुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थानांतरीत कर दिया गया, जहां बुधवार सुबह उसने एक बेटे को जन्म दिया। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार रात बच्चे की मौत हो गई।
बीजेडी ने क्या आरोप लगाए?
इस घटना के बाद काफी आक्रोश फैल गया है। विपक्षी दल बीजेडी ने आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने यह भी पूछा है कि सात महीने तक छात्रा की गर्भावस्था पर किसी का ध्यान कैसे नहीं गया, जबकि इस आवासीय विद्यालय में छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होता है। छात्रावास की देखरेख करने वाली कर्मचारी (मैट्रन) हर महीने छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड भी उपलब्ध कराती हैं।
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बेटनोटी के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका नमिता माझी को निलंबित कर दिया है। उन पर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और छात्राओं की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप है।
एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है, 'उन्हें तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान, उनका मुख्यालय 'जी के गवर्नमेंट यूपीएस, सरिया' तय किया गया है। नियमों के अनुसार, उन्हें उनके वेतन का 50% निर्वाह भत्ता और अन्य अनुमेय लाभ मिलते रहेंगे।'