पश्चिमी ओडिशा शहर में हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में एक मोटरसाइकिल रैली के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी। जिसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था और दंगे की स्थिति पैदा हो गई थी। हिंसा में शामिल उपद्रवियों ने कई वाहनों और दुकानों में आग लगा दी थी।
भाजपा की ओडिशा राज्य इकाई ने संबलपुर हिंसा की एनआईए से जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में भाजपा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा है। शनिवार को गृहमंत्री को लिखे गए इस पत्र में भाजपा नेताओं ने हनुमान जयंती समारोह के दौरान संबलपुर में हुई हिंसा की जांच एनआईए से कराने का आग्रह किया। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल ने इस बारे में जानकारी दी।
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जानकारी के मुताबिक, भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और पार्टी के कई सांसदों और विधायकों ने गृहमंत्री को लिखे गए पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें उन्होंने केंद्र से राज्य सरकार को "संबलपुर में कानून व्यवस्था बहाल करने" और पश्चिमी ओडिशा में सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।
साथ ही इसमें हिंसा की निंदा करते हुए पार्टी नेताओं ने घटना के पीछे की साजिश का पता लगाने के लिए एनआईए द्वारा निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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भाजपा के राज्य नेतृत्व ने केंद्र से आग्रह किया कि वह राज्य सरकार को भविष्य में ओडिशा में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने के लिए कहे।
गौरतलब है कि पश्चिमी ओडिशा शहर में हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में एक मोटरसाइकिल रैली के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी। जिसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था और दंगे की स्थिति पैदा हो गई थी। हिंसा में शामिल उपद्रवियों ने कई वाहनों और दुकानों में आग लगा दी थी। इतना ही नहीं झड़प के दौरान पथराव में कुल दस पुलिस कर्मी और लगभग 12 हनुमान जयंती समन्वय समिति के सदस्य घायल हो गए थे।
वहीं, बाद में 14 अप्रैल हमुमान जयंती वाले दिन संबलपुर में दोबारा भड़की हिंसा में एक आदिवासी युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद संबलपुर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। पत्र में भाजपा नेताओं ने लिखा है कि संबलपुर में हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान और एक दिन पहले हुई हिंसा और आगजनी ने ओडिशा पुलिस के खराब खुफिया नेटवर्क और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।