ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी
- फोटो : एएनआई (फाइल)
ओडिशा सरकार ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश से आलू खरीदना शुरू कर दिया। अब ओडिशा के लिए अपने पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल पर आलू के लिए निर्भरता कम होगी।
खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री केसी पात्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तरी राज्य से आलू की पहली खेप दिन के दौरान ओडिशा पहुंची और ऐसी और आपूर्ति की उम्मीद है। ओडिशा में आलू संकट को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने फैसला किया है।
मंत्री ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी तरह का सहयोग देने और ओडिशा को आलू की आपूर्ति सुव्यवस्थित करने पर सहमत हो गई है। उन्होंने कहा कि यहां से एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही यूपी का दौरा करेगा।
केसी पात्रा ने बताया कि यह निर्णय "पड़ोसी राज्यों पर आलू की ओडिशा की निर्भरता को कम करने" के लिए लिया गया है।
मंत्री ने कहा- TMC के गुंडे परेशान कर रहे हैं
उन्होंने कहा,“हम पश्चिम बंगाल से चरणबद्ध तरीके से खरीद बंद करना चाहते हैं और यूपी से आयात जारी रखना चाहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि टीएमसी के गुंडे और स्थानीय पुलिस (बंगाल पुलिस) ओडिशा के व्यापारियों से सीमा पर परेशानी पैदा कर रहे हैं और पैसे वसूल रहे हैं। बंगाल से आलू लाने के लिए हमें ब्लैकमेल नहीं किया जा सकता है।’’
नवीन पटनायक ने ममता बनर्जी को लिखा था पत्र
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा था। पटनायक ने पत्र में ममता बनर्जी से मांग की है कि ओडिशा के लिए आलू की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मामले में हस्तक्षेप करें। दरअसल, ओडिशा में आलू के दाम आसमान छू रहे हैं। पटनायक ने कहा कि बारिश की वजह से ओडिशा में आलू की आपूर्ति में कमी आ रही है और इस वजह से राज्य में इसके दाम बढ़ने से आम जनता परेशान है।