Odisha: ओडिशा के बालासोर जिले में एक दंपति ने कथित तौर पर गरीबी के कारण अपने नवजात बच्चे को एक नि:संतान दंपति को बेचा। गांववालों ने जब नवजात को घर पर नहीं पाया तो पूरा मामला खुल गया। इसके बाद बच्चे को मयूरभंज जिले से बरामद किया गया।
ओडिशा के बालासोर जिले में एक दंपति ने कथित तौर पर अपने नवजात बेटे को पास के मयूरभंज जिले में एक नि:संतान दंपति को बेच दिया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
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गांववालों ने घर पर नहीं पाया नवजात तो शक हुआ
एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब गांववालों ने धर्मू बेहेरा और उनकी पत्नी शांतिलता के घर पर नौ दिन के बच्चे को नहीं पाया। दंपति हदामौड़ा गांव के निवासी हैं, जो बस्ता थाना क्षेत्र में आता है।
महिला ने 19 दिसंबर को दिया था बेटे को जन्म
शांतिलता ने 19 दिसंबर को बारिपड़ा के पंडित रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया दिया था। इसके तीन दिन बाद शांतिलता को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। जब गांववालों ने घर पर बच्चे को नहीं देखा, तो उन्हें शक हुआ कि कहीं दंपति ने गरीबी के कारण बच्चे को बिचौलिए के माध्यम से बेच तो नहीं दिया है।
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दंपति ने खारिज किया नवजात को बेचने का आरोप
फिर पुलिस और मयूरभंज जिला बाल कल्याण समिति ने इस मामले की संयुक्त जांच शुरू की। शनिवार को पुलिस ने बच्चे को मयूरभंज के सैंकोला ब्लॉक के मानीचा गांव में एक नि:संतान दंपति से बरामद किया। हालांकि, शांतिलता और उनके परिवार ने बच्चे को बेचने-खरीदने के आरोपों को खारिज किया। शांतिलता और धर्मू ने दावा किया कि उन्होंने बच्चों को उस दंपति को दान किया था।