ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही लगातार छठे दिन बृहस्पतिवार को भी बाधित हुई। वहीं, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रदर्शनकारी भाजपा विधायकों से अपने आवास पर मुलाकात की और धान की खरीद मुद्दे पर उनसे बातचीत की। राज्य में उस वक्त एक अनूठा दृश्य भी देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री यहां नवीन निवास के बाहर धरना दे रहे भाजपा विधायकों से मिलने आए।
बीजद, कांग्रेस और भाजपा, तीनों ही दलों के विधायकों द्वारा विधानसभा में शोरगुल करने के कारण सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद भाजपा सदस्य मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के मौजूद न होने के बाद वे चिलचिलाती धूप में तीन किमी पैदल चल कर नवीन निवास पहुंचे।
भाजपा और विपक्ष के नेता पीके नाइक ने कहा, 'हम मुख्यमंत्री को ढूंढने जा रहे हैं क्योंकि वह विधानसभा में नजर नहीं आए, जबकि धान की खरीद के मुद्दे को लेकर सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सदन का नेता होने के नाते यह मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि वह मुद्दे का हल करें।' मुख्यमंत्री आवास पहुंचने पर भाजपा विधायक मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए क्योंकि मुख्य द्वार बंद था।
हालांकि, जब पटनायक खुद ही मुख्य द्वारा पर आए और उन्हें परिसर के अंदर आने के लिए आमंत्रित किया तब वे नवीन निवास के अंदर गए। भाजपा सदस्यों ने कुछ मिनट तक पटनायक के साथ बातचीत की और फिर लौट गए। भाजपा और कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि राज्य सरकार संचालित विभिन्न मंडियों में सरकारी उदासीनता के चलते किसानों की धान की खरीद नहीं हो रही है।