OCI Card: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज एक अधिसूचना के जरिए घोषणा की है कि उन लोगों के ओसीआई कार्ड का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा, जिन्हें किसी मामले में कम से कम दो साल की सजा हुई हो या जिनके खिलाफ ऐसे मामले में आरोपपत्र दाखिल हुआ हो, जिसमें सजा सात साल या उससे अधिक हो।
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने मंगलवार को जानकारी दी कि उन लोगों का ओसीआई कार्ड अब रद्द कर दिया जाएगा, जिन्हें कम से कम दो साल की जेल की सजा हुई हो या जिनके खिलाफ ऐसे अपराध में आरोपपत्र दाखिल हुआ हो, जिसकी सजा सात साल या उससे ज्यादा हो सकती है। ओसीआई कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को बिना वीजा भारत आने की सुविधा प्रदान करता है। मंत्रालय ने इस संबंध में राजपत्र (गजट) अधिसूचना के जरिए यह नियम जारी किया है।
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गृह मंत्रालय की अधिसूचना में क्या कहा गया
अधिसूचना में कहा गया, नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7डी के प्रावधान के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार यह घोषणा करती है कि अगर किसी व्यक्ति को दो साल या उससे अधिक की जेल की सजा हुई हो या उसके खिलाफ किसी ऐसे अपराध में आरोपपत्र दाखिल हुआ हो, जिसकी सजा सात साल या उससे अधिक है, तो उसका ओसीआई पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।
अगस्त 2005 में हुई थी ओसीआई योजना की शुरुआत
ओसीआई योजना की शुरुआत अगस्त 2005 में हुई थी। इसके तहत उन सभी भारतीय मूल के लोगों को ओसीआई के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है, जो 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद भारत के नागरिक थे या उस दिन भारत के नागरिक बनने के योग्य थे। हालांकि, पाकिस्तान, बांग्लादेश या अन्य किसी ऐसे देश के नागरिक इस योजना के तहत योग्य नहीं माने जाते, जिन्हें केंद्र सरकार ने राजपत्र में अधिसूचित किया है।