जे जयललिता के सोमवार रात 11.30 बजे निधन होने के बाद मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाल रहे ओ पनीरसेल्वम को AIADMK विधायक दल का नेता चुना गया। उन्होंने प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। देर रात 1.15 बजे राजभवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। दो मिनट के मौन के बाद शपथग्रहण की कार्यवाही शुरू की गई। मुख्यमंत्री के साथ 31 अन्य मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। पनीरसेल्वम ने जयललिता की तस्वीर लेकर मुख्यमंत्री की शपथ ली।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का लंबी बीमारी के बाद सोमवार चेन्नई के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। उन्होंने रात 11.30 बजे अपने जीवन की आखिरी सांस ली। रविवार शाम उनको दिल का दौरा पड़ा था। तब से उनके उत्तराधिकारी को लेकर लंबा विचार-विमर्श चल रहा था। जिसमें ओ पनीरसेल्वम का नाम सबसे बड़े उम्मीदवार के रूप में आ रहा था।
तमिलनाडु के वित्तमंत्री 75 दिनों से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे। जयललिता के निधन के बाद ओ पनीरसेल्वम को AIADMK विधायक दल का नेता चुना गया है। वह तमिलनाडु के नए मुख्य़मंत्री होंगे।
पहले भी जयललिता ने अपनी गैरमौजूदगी के दौरान भरोसा जताते हुए उन्हें दो बार मुख्यमंत्री बनाया। इनमें से पिछली बार 2014 में वह मुख्यमंत्री बने थे जब जयललिता भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार हो गई थीं। हालांकि बाद में वह बरी हो गईं। इस बार भी जयललिता की अस्पताल में मौजूदगी के दौरान जयललिता के आठ विभागों का प्रभार पन्नीरसेल्वम को दिया गया।
पनीरसेल्वम जयललिता के प्रति वफादारी दिखाते रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद जयललिता को दंडवत प्रणाम करने की तस्वीरें सुर्खियां बटोरती रही हैं।वह जयललिता की तस्वीर को सामने रखकर कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता करते रहे थे। कई बार सार्वजनिक रूप से जयललिता के लिए रोते हुए देखा गया।
जयललिता चाहती थीं कि उनका उत्तराधिकारी ऐसा शख्स हो जिसमें लोगों को अपनी ओर खींचने की क्वालिटी हो और उसके भीतर मजबूत नेतृत्व की क्षमता हो।