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NZP: एनजेडपी ने दिए अफ्रीकी हाथी की मौत की जांच के आदेश; जिम्बाब्वे से लाए गए शकंर की 17 सितंबर को हुई थी मौत

Fri, 19 Sep 2025 01:36 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर।
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राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (एनजेडपी) दिल्ली ने अफ्रीकी नर हाथी की मौत की जांच कराने के आदेश दिए हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मुताबिक,17 सितंबर की रात 8 बजे अचानक 29 साल के शंकर ने दम तोड़ दिया। उसका भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली की टीम,स्वास्थ परामर्श समिति और मंत्रालय एक प्रतिनिधि ने पोस्टमार्टम किया। जरूरी सैंपल लेने के बाद गजराज के शव को नियमानुसार खत्म कर दिया जाएगा।

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शंकर की तबियत 17 सितंबर की सुबह से ही नासाज थी। वह कम घास और पत्तियां खा रहा था। उसे हल्का दस्त हो रहा था,लेकिन वह बाकी खाना,फल और सब्जियां सामान्य तरीके से खा रहा था। एनजेडपी की पशु चिकित्सा टीम ने उसकी जांच कर उसका इलाज किया। यही नहीं, पशुपालन कर्मचारियों ने लगातार उसकी तबियत पर नजर बनाए रखी,लेकिन उसी दिन शाम करीब 7.25 बजे अचानक शंकर अपने शेड में गिर गया और आपातकालीन इलाज देने के बावजूद उसकी मौत हो गई,जबकि 16 सितंबर तक उसे कोई बीमारी होने या उसके अजीब व्यवहार की कोई सूचना नहीं थी। एनजेडपी के निदेशक डॉक्टर संजीत कुमार ने कहा कि उसकी मौत से चिड़ियाघर टीम,आगंतुकों और पूरे संरक्षण समुदाय को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि एनजेडपी पूरे देश में वन्यजीव कल्याण और संरक्षण की कोशिशों को जारी रखने के लिए अपने संकल्प को दोहराता है।

हर किसी का दुलारा था अफ्रीकी गजराज शंकर
शंकर नवंबर 1998 में जिम्बाब्वे से आया था और उसके बाद 27 साल से वह एनजेडपी परिवार का खास सदस्य रहा। अपने शांत स्वभाव और शाही अंदाज से उसने वहां आने वाले लोगों के दिल में ही जगह नहीं बनाई बल्कि चिड़ियाघर के कर्मचारियों का भी वह दुलारा रहा। शंकर ताकत, समझ और प्यार का प्रतीक था और चिड़ियाघर के कई लोग उससे भावनात्मक रूप से जुड़े हुए थे। एजेंसी

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