पश्चिम बंगाल के चर्चित राशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले अभिनेत्री और पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद नुसरत जहां को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तलब किया, जिसके बाद वह कोलकाता स्थित कार्यालय पहुंचीं।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने राशन वितरण में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े धन के लेन-देन को लेकर नुसरत जहां से पूछताछ के लिए समन जारी किया था। एजेंसी इस मामले में पैसों के स्रोत और संभावित गड़बड़ियों की जांच कर रही है। ईडी इस मामले में कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है और लगातार सबूत जुटाने की प्रक्रिया जारी है। नुसरत जहां का नाम सामने आने के बाद इस केस ने और भी ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
क्या है मामला?
यह मामला कोविड-19 लॉकडाउन के समय का है। उस दौरान पश्चिम बंगाल के बशीरहाट सीमावर्ती इलाकों में बांग्लादेश को गेहूं और चावल की तस्करी के आरोप में कई ट्रक जब्त किए गए थे। उस समय नुसरत जहां बशीरहाट से सांसद थीं। जांच के दौरान राशन तस्करी में कई नाम सामने आए हैं और ईडी अधिकारी अब बांग्लादेश को होने वाली गेहूं की तस्करी के बारे में नुसरत से सवाल-जवाब करना चाहते हैं।
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कुछ दिन पहले नुसरत जहां अपने साथी और अभिनेता यश दासगुप्ता के साथ छुट्टियां मनाने विदेश गई थीं। अभी यह साफ नहीं है कि वह कोलकाता लौट आई हैं या नहीं। इससे पहले भी ईडी ने फ्लैट धोखाधड़ी के एक मामले में नुसरत से करीब छह घंटे तक पूछताछ की थी। उन पर आरोप था कि उनकी कंपनी ने 400 से ज्यादा बुजुर्गों से फ्लैट देने के नाम पर 5.5-5.5 लाख रुपये लिए थे, लेकिन न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए। नुसरत ने इन आरोपों को हमेशा नकारा है।
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