भाजपा से निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा की पैंगबर मोहम्मद पर टिप्पणी और उसके बाद खाड़ी देशों की नाराजगी पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, वह टिप्प्णी न तो भारत सरकार का बयान था और न ही भाजपा का। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा- वह भाजपा की स्थिति नहीं थी और टिप्पणी पर कार्रवाई भी की गई। विदेश मंत्री ने कहा उस टिप्पणी से लोगों की संवेदनशीलता और समझ प्रभावित हुई थी।
जयशंकर ने एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कहा, सिर्फ खाड़ी देशों ने ही नहीं बल्कि, दक्षिण पूर्ण एशिया में भी कुछ देशों ने इसके खिलाफ चिंता व्यक्त की थी। हालांकि, वे इस बात की सराहना करते हैं कि पैगंबर मोहम्मद के बारे में जो कुछ भी कहा गया, वह भारत सरकार की स्थिति नहीं थी। उन्होंने कहा, जिन देशों ने चिंता व्यक्त की थी, वे जानते हैं कि हमारे किस बारे में क्या विचार हैं। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद थी कि एक बार पार्टी अपनी स्थिति स्पष्ट कर देगी तो लोग इसे समझेंगे।
कुछ लोग बहती गंगा में हाथ धोना चाहते हैं
पैंगबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी पर खाड़ी देशों का क्या रुख था? इस सवाल पर विदेश मंत्री ने किसी देश का नाम लिए बगैर कहा, कुछ लोग बहती गंगा में अपने हाथ धोना चाहते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय संबंध बहुत ही प्रतिस्पर्धी खेल है। यह क्वींसबेरी नियमों की तरह नहीं खेला जाता। ऐसे भी लोग हैं, जो इस समय अपना फायदा ढूंढने की कोशिश में हैं। उन्होंने कहा, हमें ऐसे मामलों में अपनी बात रखने की जरूरत है। हम ऐसा कर भी रहे हैं। आप देख सकते हैं कि भारत की सही स्थिति को लोग समझ भी रहे हैं।