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अच्छी खबरः असम में हाथियों की संख्या बढ़ कर 5,828 हुई, मुख्यमंत्री ने जारी की रिपोर्ट

सार

 Assam:  मुख्यमंत्री ने सरमा ने कहा, हाल ही में असम में 2024 के लिए हाथियों की आबादी का अनुमान लगाया है। 7 साल बाद किए गए इस सर्वेक्षण में हाथियों की संख्या 5,719 से बढ़कर 5,828 हो गई है।
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अन्य हाथी अपने नन्हें हाथी के साथ - फोटो : AAKRITI TAMRAKAR
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नए वर्ष में पूर्वोत्तर भारत से एक अच्छी खबर आई हौ। असम में हाथियों की आबादी में वृद्धि हुई है और यह संख्या 5,828 हो गई है। इसकी घोषणा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की, जिसमें बताया गया है कि असम वन विभाग ने हाल ही में राज्य में 2024 के लिए हाथियों की आबादी का अनुमान पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने सरमा ने कहा, हाल ही में असम में 2024 के लिए हाथियों की आबादी का अनुमान लगाया है। 7 साल बाद किए गए इस सर्वेक्षण में हाथियों की संख्या 5,719 से बढ़कर 5,828 हो गई है। उन्होंने हाथियों के संरक्षण में वन विभाग के प्रयासों की भी प्रशंसा की। यह सर्वेक्षण सात साल के अंतराल के बाद किया गया था।

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यह रिपोर्ट 'असम में हाथी जनसंख्या अनुमान 2024'  असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को असम राज्य चिड़ियाघर और बोटनिकल गार्डन में एक कार्यक्रम के दौरान की। राज्यभर में सातवीं बार किए गए अनुमान कार्य में असम के सभी 43 वन प्रभागों को शामिल किया गया और 20 से 27 फरवरी 2024 तक आठ दिन की संरचित प्रोटोकॉल का पालन किया गया। कुल 1,536 सर्वेक्षण ब्लॉकों का नमूना लिया गया, जिसमें 5,743 से अधिक कर्मियों की भागीदारी रही, जो इस पहल के विशाल पैमाने को दर्शाता है।

अनुमान रिपोर्ट के अनुसार, कुल जनसंख्या का 82 प्रतिशत (4,777 हाथी) पांच हाथी अभ्यारण्यों में निवास करते हैं, जो संरक्षण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करता है। चिरांग-रिपु हाथी अभ्यारण्य में प्रति 100 वर्ग किमी में 79 हाथियों के साथ सबसे अधिक घनत्व दर्ज किया गया। जहां तक प्रजनन स्वास्थ्य की बात है, वयस्क मादा से बछड़े का अनुपात 0.49 (100 वयस्क मादाओं पर 49 बछड़े) रिकॉर्ड किया गया, जो प्रजनन की मजबूती और जनसंख्या में सफल भर्ती को दर्शाता है। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि असम की हाथी जनसंख्या दशकों से स्थिर रही है, कभी भी 5,200 से नीचे नहीं गिरी, इसके बावजूद आवासीय विखंडन और मानव-हाथी संघर्ष जैसी चुनौतियां। राज्य में हाथी संरक्षण में संरक्षित क्षेत्रों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि 68 प्रतिशत हाथी जनसंख्या संरक्षित क्षेत्रों में निवास करते हैं, जोहाथी संरक्षण के लिए उनकी महत्ता को उजागर करता है।
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रिपोर्ट में शिकार विरोधी प्रयासों को मजबूत करने और कम घनत्व वाले क्षेत्रों में आवासीय पुनर्स्थापना करने, सभी पहचाने गए हाथी गलियारों को सुरक्षित करने के लिए लंबे समय तक आवाजाही के रास्तों का निर्धारण करने और मूवमेंट अध्ययन और अनुकूल प्रबंधन के लिए रेडियो-टेलीमेट्री जैसी उन्नत निगरानी तकनीकों को लागू करने की सिफारिश की गई है। अधिकारियों का कहना है कि हाथी जनसंख्या अनुमान के निष्कर्ष असम में हाथी संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तर पर एक कार्रवाई योजना तैयार करने में मदद करेंगे।

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