भारतीय संसद में 13 दिसंबर 2001 में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध छिड़ने की संभावना से ब्रिटेन और अमेरिका बेहद आशंकित थे।
लिहाजा उन्होंने भारत और पाकिस्तान को सैन्य संघर्ष से पीछे हटने के लिए समझाने की कोशिश की थी। इसका खुलासा इराक युद्ध की चिलकॉट जांच रिपोर्ट में किया गया है।
चिलकॉट जांच टीम के समक्ष ब्रिटेन के तत्कालीन विदेश सचिव जैक स्ट्रॉ ने यह बयान दिया। लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने यह हमला किया था, जिसमें नौ लोगों की जान चली गई थी।