फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परमाणु आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा: भारत

Thu, 09 Feb 2017 08:04 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
आतंकवाद और खासकर परमाणु आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय खतरा बने हुए हैं। इसको राष्ट्रीय रणनीति के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यह बात विदेश सचिव एस जयशंकर ने ग्लोबल इनिशिएटिव टू कॉम्बेट न्यूक्लियर टेरोरिज्म (जीआईसीएनटी) के इंप्लीमेंटेशन एंड एसोसिएशन ग्रुप (आईएजी) की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
विज्ञापन


इस बैठक में 45 जीआईसीएनटी भागीदारी देशों के अलावा अंतरराष्ट्रीय संगठन आईएईए, इंटरपोल, यूरोपीय संघ, युनाइटेड नेशन्स ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम के 150 प्रतिनिधि शामिल रहे। 

बुधवार को आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई की जमीन तैयार करते हुए विदेश सचिव ने कहा कि परमाणु आतंकवाद को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद पर शिकंजा कसने और परमाणु तकनीक को अनधिकृत रूप से हासिल करने से रोकने की वकालत की।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि हाल में बढ़े आतंकी हमलों से साफ हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आतंकवाद गंभीर चुनौती है। अगर परमाणु हथियार आतंकियों के हाथ लग गए, तो गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। लिहाजा परमाणु सुरक्षा की चिंता लगातार बनेगी रहेगी।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई बल विकसित करने को शीर्ष प्राथमिकता देने पर जोर दिया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि समावेशी विकास और जलवायु चुनौतियों से निपटने में परमाणु ऊर्जा लगातार अहम भूमिका निभाती रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें