आज सुबह 8.30 बजे परमाणु रणनीतिक बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि- 4 का सफल परीक्षण ओडिशा तट से डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप के एकीकृत परीक्षण रेंज के लांचपैड नंबर- 4 से किया गया है। यह मिसाइल 20 मीटर लंबी, डेढ़ मीटर चौड़ी और 17 टन वजन वाली है। यह अपने साथ एक किलो तक के विस्फोटक ले जाने में सक्षम है। इसकी मारक क्षमता 3500 से 4000 किलोमीटर की दूरी तक है। स्वदेश निर्मित यह मिसाइल जमीन से जमीन पर प्रहार करने वाली है। इसका पहला सफल परीक्षण 11 दिसंबर, 2010 को किया गया था।
रक्षा सूत्रों ने परीक्षण को ‘पूर्ण सफल’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षण के दौरान मिशन के सभी उद्देश्य प्राप्त कर लिए गए। सभी रडार, ट्रैकिंग सिस्टम और रेंज स्टेशनों ने मिसाइल के उड़ान प्रदर्शन पर निगरानी रखी, जिसे एक मोबाइल लॉन्चर से दागा गया। अग्नि-4 मिसाइल का यह सातवां परीक्षण था। इससे पहले भारतीय सेना की सामरिक बल कमान (एसएफसी) द्वारा इसी स्थान से दो जनवरी 2018 को इसका सफल परीक्षण किया गया था।
इस मिसाइल को पहले अग्नि-2 के नाम से जाना जाता था मगर अब इसका नाम अग्नि-4 है। रविवार सुबह हुए मिसाइल के परीक्षण के दौरान वहां पर रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) और अंतरिम परीक्षण परिषद (आईटीआर) से जुडे कई वैज्ञानिकों और अधिकारियों का दल मौजूद था। इस मिलाइल में पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर लगे हैं। इसमें द्विचरणीय शस्त्र प्रणाली मौजूद है। यह उड़ान के दौरान आने वाली खामियों को खुद ही ठीक करने और दिशा-निर्देश देने में सक्षम है। आज मिसाइल का सातवां परीक्षण हुआ।
इससे पहले ओडिशा तट के डॉक्टर अब्दुल कलाम द्वीप से बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि 5 का सफल प्रायोगिक परीक्षण किया गया था। सतह से सतह पर मार करने में सक्षम यह मिसाइल स्वदेश में ही विकसित की गई थी। परमाणु कौशल से लैस इस मिसाइल का सफल परीक्षण सोमवार 10 दिसंबर को दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर किया गया। यह मिसाइल का 7वां सफल परीक्षण है। अभी तक ये मिसाइल केवल अमेरिका, रूस, चीन और फ्रांस के ही पास थीं।