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Coronavirus: कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को टीके की 'अतिरिक्त' खुराक, सोमवार को चर्चा करेगी तकनीकी समिति

Sun, 05 Dec 2021 07:54 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोरोना वायरस टीकाकरण पर बनाई गई राष्ट्रीय तकनीकी समिति (NTAGI) कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र वाले लोगों को टीके की अतिरिक्त खुराक देने के मुद्दे पर सोमवार को एक बैठक में विचार-विमर्श करेगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र वाले लोगों को कोरोना वायरस रोधी कीटे की अतिरिक्त खुराक देने के मामले पर छह दिसंबर को होने वाली टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार टीके की अतिरिक्त खुराक बूस्टर डोज से अलग है। 

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अधिकारियों ने कहा कि टीके की बूस्टर खुराक लोगों को एक पहले से तय अवधि के बाद दी जाती है जब यह माना जाता है कि प्राथमिक टीकाकरण से मिली सुरक्षा कमजोर हो रही है। जबकि टीके की अतिरिक्त खुराक कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र वाले लोगों को तब दी जाती है जब प्राथमिक टीकाकरण से संक्रमण न बीमारी के खिलाफ उन्हें उचित सुरक्षा नहीं मिल पाती है।

सीरम संस्थान ने मांगी है कोविशील्ड की बूस्टर खुराक के लिए अनुमति

हाल ही में भारतीय सीरम संस्थान (एसआईआई) ने देश के औषधि नियामक से कोरोना संक्रमण के खिलाफ कोविशील्ड को बूस्टर डोज के तौर पर देने के लिए अनुमति मांगी थी। संस्थान के सरकारी एवं नियामकीय मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई को इस संबंध में आवेदन भेज कर इसके लिए अनुमति मांगी थी।

इस आवेदन में सिंह ने कहा है कि यूनाइटेड किंगडम के औषधि नियामक ने इस टीके की बूस्टर डोज के लिए पहले ही अनुमति दे दी है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि देश में कोविशील्ड टीकों की कोई कमी नहीं है और महामारी के नए स्ट्रेन (ओमिक्रॉन) के सामने आने के बाद इसकी दोनों खुराकें ले चुके लोग इसकी बूस्टर खुराक के लिए मांग कर रहे हैं।
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टीके की बूस्टर खुराक पर ऐसा है केंद्र का रुख

इंडियन सार्स-कोव-2 कन्सोर्टियम ऑन जीनोमिक्स (इन्साकॉग) ने अपने 29 नवंबर के बुलेटिन में 40 वर्ष से अधिक आयु के अधिक खतरे वाले लोगों को टीकों की बूस्टर डोज देने की सिफारिश की थी। हालांकि, शनिवार को इसने कहा था कि हमारी सिफारिश राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के लिए नहीं थी। इसके असर को जानने के लिए अभी शोध की जरूरत है।

वहीं, बूस्टर खुराक के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में लोकसभा को बताया था कि एनटीएजीआई और टीकाकरण पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह (नेगवैक) इस पर विचार-विमर्श कर रहे हैं और इसे लेकर वैज्ञानिक सबूतों का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि फिलहाल बूस्टर डोज हमारा एजेंडा नहीं है, इसकी जरूरत पर अभी भी शोध किए जा रहे हैं।
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