फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UPSC की तरह NTA परीक्षाएं होंगी फूलप्रूफ: बड़े बदलाव शुरू, गड़बड़ी पर नपेंगे अधिकारी; OSM प्रणाली की समीक्षा

Fri, 24 Jul 2026 05:31 AM IST
Devesh Tripathi सीमा शर्मा, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके। प्रस्तावित सुधारों के तहत परीक्षा प्रक्रिया में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी और किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। सुधारों के लिए विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के साथ छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से मिले हजारों सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है।
विज्ञापन
परीक्षाएं होंगी फूलप्रूफ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की परीक्षाएं भी फूलप्रूफ होंगी। किसी गड़बड़ी पर अधिकारी जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाया जाना इसी दिशा में उठाया गया कदम है। जिम्मेदारी में कोताही उन पर भारी पड़ गई।
विज्ञापन


नीट पेपर लीक के बाद जब सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू की थी तब जोशी अपनी कुर्सी बचाने में सफल हो गए थे लेकिन अब छात्रों के आंदोलन की गाज अंतत: उन पर गिरी है। बताया जा रहा है कि एनटीए महासचिव अभिषेक सिंह पर भी गाज गिर सकती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, पीएम नरेंद्र मोदी नीट यूजी पेपर लीक के बाद से ही सख्त रुख अपनाए हुए हैं। वे एनटीए और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कामकाज से बेहद नाखुश हैं। इसीलिए, उन्होंने एनटीए व मंत्रालय में सुधार का फैसला किया।

क्या-क्या करने की तैयारी में सरकार?
सूत्र ने कहा, नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर से लेकर संसद तक आक्रोश के बीच  पीएम की निगरानी में एनटीए की सभी राष्ट्रीय परीक्षाओं में शून्य त्रुटि पर काम शुरू हुआ है। इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर के राधाकृष्णन के नेतृत्व वाली एनटीए सुधार समिति व विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर पूरा ब्लूप्रिंट बन रहा है।  सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा में ओएसएम प्रणाली की भी समीक्षा होगी।  
विज्ञापन


छात्रों और शिक्षकों के सुझाव पर होगा काम
सरकार जो ब्लूप्रिंट बना रही है उसमें राधाकृष्णन समिति के सामने रखे गए छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों समेत अन्य के 37,000 सुझाव शामिल हैं। अब तक की बैठकों में यूपीएससी की तर्ज पर सुधार  को लेकर सहमति बनी है। परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वर्तमान की कंप्यूटर बेस्ड टेस्टिंग (सीबीटी) से भविष्य में कंप्यूटर अडैप्टिव टेस्टिंग (सीएटी) में शिफ्ट किया जाएगा।

परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व शुचिता की जिम्मेदारी व जवाबदेही डीएम की होगी। कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के सेंटर चिह्नित होने के बाद एनआईसी और एनटीए की टीमें दौरा करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें