सार
एनटीए ने उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए लिए जाने वाले 200 रुपये के शुल्क को लेकर सफाई दी है। एजेंसी का कहना है कि यह व्यवस्था सभी छात्रों के हित में बनाई गई है और सही आपत्ति मिलने पर संशोधित उत्तर कुंजी सभी परीक्षार्थियों पर लागू होती है। सही चुनौती देने वाले छात्र का शुल्क भी वापस कर दिया जाता है। ऐसे में सवाल है कि क्या यह व्यवस्था वास्तव में निष्पक्ष है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
शुल्क को लेकर क्या बोला एनटीए?
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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए ने उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी है। एजेंसी ने कहा कि उत्तर कुंजी चुनौती की व्यवस्था सभी छात्रों के लिए निष्पक्ष बनाई गई है। एनटीए के मुताबिक, किसी एक छात्र की सही आपत्ति स्वीकार होने पर संशोधित उत्तर कुंजी उस परीक्षा में शामिल सभी छात्रों पर लागू होती है। यानी एक छात्र की आपत्ति से लाखों परीक्षार्थियों को फायदा मिल सकता है।
एनटीए की उत्तर कुंजी चुनौती क्या है?
उत्तर कुंजी चुनौती एक ऑनलाइन प्रक्रिया है। किसी परीक्षा की अस्थायी उत्तर कुंजी जारी होने के बाद अगर किसी छात्र को किसी सवाल या उसके जवाब में गलती लगती है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज करा सकता है। यह व्यवस्था जेईई मेन, नीट और यूजीसी नेट जैसी परीक्षाओं में इस्तेमाल होती है। एनटीए ने कहा कि इस प्रक्रिया का मकसद गलत उत्तर को सुधारना और सभी छात्रों को सही मूल्यांकन का मौका देना है।
200 रुपये का शुल्क क्यों लिया जाता है?
एनटीए ने कहा कि हर सवाल पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 200 रुपये का शुल्क लिया जाता है। एजेंसी के अनुसार, यह शुल्क छात्रों से कमाई करने के लिए नहीं बल्कि बिना ठोस आधार वाली आपत्तियों को रोकने के लिए रखा गया है। अगर किसी छात्र की चुनौती सही पाई जाती है और विषय विशेषज्ञ उसकी आपत्ति स्वीकार कर लेते हैं तो उस छात्र को 200 रुपये वापस कर दिए जाते हैं। इस तरह सही आपत्ति करने वाले छात्र पर अंतिम रूप से शुल्क का बोझ नहीं रहता।
एक छात्र की आपत्ति से सभी को कैसे फायदा होगा?
एनटीए के मुताबिक, अगर कोई एक छात्र किसी सवाल की उत्तर कुंजी को चुनौती देता है और विषय विशेषज्ञ उस चुनौती को सही मानते हैं तो संशोधित उत्तर कुंजी केवल उस छात्र के लिए नहीं होती। इसे परीक्षा में शामिल सभी छात्रों पर लागू किया जाता है। इसका मतलब है कि किसी सवाल का गलत जवाब आधिकारिक उत्तर कुंजी में दिया गया हो तो एक सही आपत्ति के बाद उसे सुधारा जा सकता है। इससे बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों का परिणाम प्रभावित होने से बच सकता है।
एनटीए पर पहले से क्यों उठ रहे हैं सवाल?
एनटीए ने यह सफाई ऐसे समय दी है जब एजेंसी कई परीक्षाओं को लेकर सवालों के घेरे में रही है। नीट-यूजी पेपर लीक और यूजीसी नेट परीक्षा में सामने आई गलतियों जैसे मामलों को लेकर एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। ऐसे माहौल में उत्तर कुंजी चुनौती की प्रक्रिया और उसके शुल्क को लेकर भी परीक्षार्थियों की चिंता सामने आई। एजेंसी ने अब स्पष्ट किया है कि सही आपत्ति को स्वीकार करने की व्यवस्था सभी छात्रों के हित में काम करती है।