फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेरोजगार युवा प्रधानमंत्री मोदी को नौकरी के लिए लिखेंगे पत्र, पांच लाख छात्र घर भेजेंगे अपनी डिग्री

Sat, 30 Jan 2021 04:19 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन का कहना है, भाजपा जब सत्ता में आई थी तब पार्टी ने अपने घोषणापत्र में हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था।
विज्ञापन
NSUI President Neeraj Kundan - फोटो : AmarUjala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी और नौकरी न मिलने से परेशान युवा अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की तैयारी कर रहे हैं। यही नहीं नौकरी की तलाश में घुम रहे पांच लाख युवा लोग अपनी डिग्री को भी प्रधानमंत्री मोदी के निवास पर भेजेंगे। देशभर में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर एनएसयूआई मोदी सरकार के खिलाफ नौकरी दो या डिग्री वापस लो कैंपेज शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत एनएसयूआई देशभर के युवाओं को जोड़ेगी और पांच लाख से ज्यादा बेरोजगार छात्रों की डिग्री एकत्र करे इसे पीएम मोदी के घर भेजेगी।

विज्ञापन


एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा, हमारे देश की कुल आबादी 138.35 करोड़ है। इसमें युवा वर्ग की संख्या 34.33 फीसदी है। आज सरकार लोगों को रोजगार देने की जगह नोटबंदी, जीएसटी एवं असुनियोजित लॉकडाउन करके युवाओं को बेरोजगारी के तरफ धकेल रही है। भाजपा जब सत्ता में आई थी तब पार्टी ने अपने घोषणापत्र में हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था।

इस हिसाब से अब तक 12 से 13 करोड़ लोगों को रोजगार मिल जाना चाहिए था। मोदी सरकार के आने के बाद से देश में पिछले 45 वर्षों में बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा है। भारतीय रेलवे देश में सबसे ज्यादा रोजगार के अवसर प्रदान करती है, लेकिन मोदी सरकार ने रेलवे का निजीकरण करके देश में बेरोजगारी बढ़ाने का काम किया है।
विज्ञापन


उन्होंने आगे कहा कि, स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, देश में नोटबंदी के कारण 50 लाख लोगों ने नौकरी खो दी थी। वहीं मोदी सरकार सरकारी परीक्षाओं के परिणामों में देरी करके भी युवाओं के सामने एक बहुत बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। आरआरबी एनटीपीसी द्वारा रेलवे भर्ती बोर्ड के लिए 2015 में परीक्षा आयोजित करवाई थी। इसमें करीब 57 लाख उम्मीदवार बैठे थे।

जिसका परिणाम दो साल बाद घोषित किया गया। इससे दो साल तक 57 लाख युवाओं को आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ा। इस अभियान के तहत हम देशभर के पांच लाख छात्रों की डिग्री एकत्र करेंगे ओर डिग्रीधारी बेरोजगार का वास्तविक डाटा देश व वर्तमान सरकार के सामने लाने का काम करेंगे। एनएसयूआई ने अपने इस अभियान से युवा बेरोजगार लोगों को जोड़ने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
विज्ञापन


 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें