राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स में विलय की खबरों से एनएसजी के महानिदेशक अनूप कुमार सिंह ने इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसी किसी भी योजना की जानकारी नहीं है।
अनूप कुमार सिंह ने कहा कि एनएसजी देश की एलीट कमांडो फोर्स है। यह हमारे देश की केंद्रीय आकस्मिक बल है जो दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कमांडो फोर्स में से एक है। मुझे उम्मीद है कि यह अपने वर्तमान स्वरूप के साथ जारी रहेगा।
बता दें कि एनएसजी की स्थापना 1984 में अपहरण जैसी घटनाओं और आतंकी वारदातों से निपटने के लिए संघीय आकस्मिक बल के तौर पर हुई थी। इस बल के कमांडो के देशभर में पांच हब हैं, जिसका मुख्य कार्यालय गुड़गांव के मानेसर में है।
एनएसजी के क्या हैं कार्य?
- आतंकवादी खतरों का निराकरण करना।
- हवा में और जमीन पर अपहरण की स्थतियों से निपटना।
- बम निरोधक कार्रवाई (खोज, पता लगाना और आईडी का निराकरण) करना।
- विशिष्ट परिस्थितियों में आतकियों से लड़ना और उन्हें निष्क्रिय करना।
- बंधकों को छुड़ाना।
एनएसजी के अधीन राष्ट्रीय बम डाटा केंद्र (एनडीबीसी)
देश के विभिन्न हिस्सों में हुए विस्फोटों का अध्ययन करने के लिए राज्यों के अनुरोध पर एनएसजी ने मानेसर में एक राष्ट्रीय बम डाटा केंद्र स्थापित किया है। यह सुरक्षा बलों के उपयोग और संदर्भ हेतु विस्फोटक एवं विस्फोट की घटनाओं पर एक डाटा बैंक रखता है।