महाराष्ट्र सरकार ने 30 जून, 2025 के अपने आदेश के माध्यम से नीति की रूपरेखा निर्धारित करने के लिए डॉ. जाधव की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन किया था। अब जाधव समिति से ऐसी सिफारिशों का मसौदा तैयार करने की उम्मीद है जो एनईपी 2020 के निर्देशों को राज्य की भाषाई प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करे।
महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप त्रि-भाषा नीति तैयार करने के लिए गठित समिति के सदस्यों की घोषणा कर दी है। इस समिति की अध्यक्षता शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र जाधव कर रहे हैं। वहीं, इस समिति में सात नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है।
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इस समिति में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के निदेशक डॉ. वामन केंद्रे, राज्य भाषा सलाहकार समिति के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सदानंद मोरे, पुणे की शिक्षाविद डॉ. अपर्णा मोरिस, डेक्कन कॉलेज, पुणे की भाषा विज्ञान विभागाध्यक्ष सोनाली कुलकर्णी जोशी, छत्रपति संभाजीनगर की शिक्षाविद डॉ. मधुश्री सावजी और पुणे के बाल मनोवैज्ञानिक डॉ. भूषण शुक्ला शामिल होंगे। इस समिति को तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
वहीं, इस बाबत जारी जीआर में कहा गया है कि समग्र शिक्षा अभियान, मुंबई के राज्य परियोजना निदेशक संजय यादव समिति में सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
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बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने 30 जून, 2025 के अपने आदेश के माध्यम से नीति की रूपरेखा निर्धारित करने के लिए डॉ. जाधव की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन किया था। अब जाधव समिति से ऐसी सिफारिशों का मसौदा तैयार करने की उम्मीद है जो एनईपी 2020 के निर्देशों को राज्य की भाषाई प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करे।
सरकार का यह कदम हाल ही में हिंदी पढ़ाने को लेकर उठे विवाद और विपक्ष के 'हिंदी थोपने' के आरोपों के बीच आया है। शिवसेना (UBT) और मनसे ने चेतावनी दी थी कि मराठी की अहमियत घटाने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में तीन-भाषा फार्मूला लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। मराठी को प्रमुख भाषा बनाए रखने की मांग पर शिवसेना यूबीटी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और अन्य विपक्षी दल लगातार जोर देते रहे हैं। उनका आरोप है कि हिंदी को प्राथमिक स्तर से पढ़ाने की कोशिश राज्य की भाषाई पहचान पर आघात है। इसी साल अप्रैल और जून में सरकार ने कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था, लेकिन विरोध के बाद उन्हें वापस लेना पड़ा था।