Naga peace talks: Q Tuccu, Chairman of NSCN-IM
- फोटो : Agency (File Photo)
नगालैंड के विद्रोही गुटों एनएससीएन-आईएम ने केंद्र पर फ्रेमवर्क समझौते को आगे बढ़ाने को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया है। इस कारण नगा शांति वार्ता बेतुकी हो गई है। नगा विद्रोही समूह का इस समय केंद्र के साथ युद्धविराम समझौता चल रहा है।
समूह के अध्यक्ष क्यू टूक्कू ने मंगलवार को हेब्रोन में अपने मुख्यालय में एक कहा, केंद्र-एनएससीएन (आईएम) वार्ता में कोई गंभीरता नहीं है और कथनी-करनी में अंतर है। उन्होंने कहा कि इससे संगठन को यह आशंका सता रही है कि केंद्र सरकार अपने पूरे तंत्र के साथ गुपचुप तरीके से हमला करने की तैयारी कर रही है। शांति वार्ता को केंद्र संभाल रहा है। इसके बावजूद एनएससीएन-आईएम ने पूरी प्रतिबद्धता और दृढ़संकल्प के साथ वार्ता को आगे बढ़ाया है।
क्यू टूक्कू ने कहा, ‘जब नगा लोगों के एतिहासिक और राजनीतिक अधिकारों को बचाने की बात हो तो कोई बलिदान बहुत बड़ा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह केंद्र सरकार पर निर्भर करता है कि वह मिलकर काम करे और खोये हुए आधार को वापस पाए। नगा विद्रोहियों को लगता था कि नगालैंड में सरकार बनते ही बातचीत शुरू होगी और इसका समाधान निकलेगा। लेकिन सरकार बनने के करीब बीस दिन बाद भी जब केंद्र की तरफ से कोई पहल नहीं दिखी तो एनएनसीएन-आईएम ने केंद्र पर यह गंभीर आरोप लगाए हैं।