फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nagaland: NSCN-IM और NNPG ने नागा राजनीतिक समाधान के लिए केंद्र से सहयोग करने की घोषणा की, जानें पूरा मामला

Sat, 14 Jan 2023 10:21 PM IST
विवेक दास न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Nagaland: नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम-इसाक मुइवा (एनएससीएन-आईएम) और कम से कम सात नगा समूहों वाले एनएनपीजी के बीच सितंबर में संयुक्त समझौते पर हस्ताक्षर करने के चार महीने बाद यह घोषणा की गई है।
विज्ञापन
नगालैंड विधानसभा। - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एनएससीएन-आईएम और नगा नेशनल पॉलिटिकल ग्रुप्स (एनएनपीजी) ने शनिवार को भारत सरकार के साथ नगा राजनीतिक मुद्दे के समाधान के लिए सहयोग करने की अपनी बिना शर्त प्रतिबद्धता की घोषणा की।

विज्ञापन


नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम-इसाक मुइवा (एनएससीएन-आईएम) और कम से कम सात नगा समूहों वाले एनएनपीजी के बीच सितंबर में संयुक्त समझौते पर हस्ताक्षर करने के चार महीने बाद यह घोषणा की गई है। ये संगठन जटिल नगा राजनीतिक मुद्दे (एनपीआई) के समाधान के लिए केंद्र के साथ अलग-अलग बातचीत में लगे हुए हैं।   

14 सितंबर को 'सितंबर संयुक्त समझौते' पर हस्ताक्षर होने के बाद से एनएनपीजी और एनएससीएन-आईएम एनएनपीजी के संयोजक और एनएससीएन के अध्यक्ष के नेतृत्व में "नगा संबंधों और सहयोग परिषद" के गठन पर सहमत हुए हैं। ताकि नगाओं के लिए नागा ऐतिहासिक और राजनीतिक अधिकारों के आधार पर आगे बढ़ने के लिए जल्द से जल्द यथार्थवादी तरीकों का पता लगाया जा सके।
विज्ञापन


# मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- हम नगालैंड में चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध
चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि संविधान के अनुसार वह नगालैंड में 'चुनाव कराने' के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने यहां चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे और अरुण गोयल की मौजूदगी में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, 'जो भी कॉल हैं, उसके बावजूद हम चुनाव कराएंगे और इससे राजनीतिक प्रक्रिया प्रभावित नहीं होती है।'  नागा नागरिक समाज राज्य चुनाव से पहले जटिल नागा राजनीतिक मुद्दे के समाधान की मांग कर रहे हैं, जबकि ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन ने घोषणा की है कि जब तक छह पूर्वी जिलों से बना एक अलग राज्य की उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे।

राजीव कुमार ने कहा कि संविधान स्पष्ट रूप से चुनाव आयोग को यह प्रावधान और आदेश देता है कि निर्वाचित सरकार को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले होना चाहिए और अगर ऐसा नहीं होता है तो इसमें विभिन्न प्रकार की समस्याएं हैं। उन्होंने कहा, ''चुनाव आयोग को संविधान के तहत चुनाव कराने और परिणाम घोषित करने का अधिकार है ताकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले विधिवत निर्वाचित सरकार बनाई जा सके। ऐसा करना हमारा कर्तव्य है।"     

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें