जर्मनी की 80 वर्षीय एनआरआई ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए गुजरात में अपनी जमीन सरकार को सौंप दी। मूल रूप से चांसड़ गांव से ताल्लुक रखने वाली सविता बेन 33 साल पहले जर्मनी में बस गई थीं। वह वहां भारतीय रेस्त्रां चलाती हैं।
सविता बेन जमीन देने खासतौर पर भारत आई थीं। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के मुताबिक, प्रोजेक्ट के लिए चांसड़ गांव में 11.94 हेक्टेयर निजी भूमि की जरूरत थी और सविता बेन ने अपनी जमीन 30,094 रुपये में बेच दी।
एनएचएसआरसीएल के प्रवक्ता धनंजय कुमार ने बताया कि हम सविता बेन के आभारी हैं कि वह विशेष तौर पर जमीन देने भारत आईं। यह पहला जमीन का टुकड़ा है, जिसका गुजरात में हमने प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहण किया है।
गुजरात और महाराष्ट्र में हमें 1400 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है, जिसमें से 1120 हेक्टेयर निजी भूमि है। इसके लिए करीब 6000 लोगों को हमें मुआवजा देना होगा। अभी तक विभाग ने मुंबई में केवल 0.09 प्रतिशत ही भूमि अधिग्रहण किया है।