45 साल के अब्दुल हलीम मजूमदार को समझ नहीं आ रहा कि उनके साथ क्या हुआ है? पिछली एनआरसी सूची में मजूमदार की पत्नी का नाम नहीं था तो उन्होंने सुधार के लिए आवेदन दिया, लेकिन आई सूची से कामरूप जिले के टकड़ापाड़ा निवासी हलीम मजूमदार का पूरा परिवार गायब है।
कई भारतीयों के नाम नहीं : हिमंता
असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि, एनआरसी में कई ऐसे भारतीयों के नाम नहीं हैं जो 1971 से पहले शरणार्थियों के रूप में बांग्लादेश से आए थे। प्राधिकारियों ने इनका शरणार्थी प्रमाण पत्र स्वीकारने से इनकार कर दिया। केंद्र व राज्य सरकारों के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट को सटीक एवं निष्पक्ष एनआरसी के लिए सीमावर्ती जिलों में 20 फीसदी और शेष जिलों में 10 फीसदी पुन: सत्यापन की अनुमति देनी चाहिए।