नगालैंड की जनता ने किसे इस बार सत्ता की बागडोर सौंपी है यह तो थोड़ी ही देर में पता लगना शुरू हो जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच नगालैंड में आज मतों की गणना की जाएगी। सत्ता को भाजपा के हाथों में जाने से बचाने के लिए सत्ताधारी नगा पीपल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने एक बड़ा दांव चला है। उसने एनपीएफ के मौजूदा मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग को ही अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
एनपीएफ को आशंका है रि विधनसभा में यदि किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा तो भाजपा बाजी मार सकती है। इसी वजह से उसने अपने गठबंधन सहयोगी नेशनल पीपल्स पार्टी और जेडीयू के समर्थन वाला पत्र एनपीएफ गवर्नर पीबी आचार्य को सौंपा है, जिसमें जेलियांग को सीएम उम्मीदवार बनाने की बात कही गई है। दिलचस्प बात यह है कि एनपीपी और जेडीयू केंद्र में भाजपा के सहयोगी हैं।
नगालैंड में फिलहाल एनपीएफ के साथ मिलकर भाजपा सत्ता में है। हालांकि इसके बाद भी उसने एनपीएफ की बजाय उससे अलग होकर नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी बनाने वाले नेफियू रियो को अपना साझीदार बनाकर चुनाव लड़ा था। भाजपा की किसी भी तरह की संभावनाओं को रोकने के लिए एनपीएफ ने जेलियांग को अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने के समर्थन वाला पत्र वोटों की गिनती से ठीक एक दिन पहले गवर्नर को सौंप दिया है।
बता दें कि एनपीएफ और भाजपा तीन चुनाव एक साथ लड़ चुके हैं। पड़ोसी राज्य मेघालय में भी एनपीपी और भाजपा अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। गवर्नर को लिखे पत्र में तीनों पार्टियों के शुरहोजेलि लितजियेत्सू (एनपीएफ), अतो येप्थोमी (एनपीपी) और जेडीयू के सेन्शुमो लोथा ने कहा है- गठबंधन को पूरा विश्वास है कि उसे पूर्ण बहुमत मिलेगा। हम साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर रहे हैं। हमारी आपसे विनती है कि आप हमारे दावे को तय नियमों और चुनाव पूर्व गठबंधन के आधार पर गौर करते हुए हमें सरकार बनाने का अवसर प्रदान करें।