अब दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की खैर नहीं। ट्रैफिक पुलिस के जवानों के पास फोर-जी तकनीकी से लैस डिवाइस होगी जो सीधे मुख्यालय से जुड़ी होगी। इससे ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो लेते ही ड्राइवर की पूरी जानकारी मिल जाएगी कि उसने कब-कब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है। यही नहीं, गाड़ी की जानकारी डालते ही उसके चोरी के होने या न होने की पूरी जानकारी भी सिस्टम पर आ जाएगी।
पुलिस को उम्मीद है कि इस व्यवस्था की शुरुआत से सड़कों पर लोग ट्रैफिक नियमों का ज्यादा पालन करेंगे। हालांकि, शनिवार से लोगों को ऑनलाइन चालान भरने की सुविधा भी मिल जाएगी और इसके लिए पहले की तरह ट्रैफिक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ऑनलाइन भुगतान करने के समय लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होने के समय की फोटो भी देख सकेंगे।
शिकायत आई थी कि देश के लगभग एक तिहाई ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं। लेकिन इन डिवाइस में ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी डालते ही यह पता चल जाएगा कि लाइसेंस असली हैं या फर्जी। इससे दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर (एनआईसी) के सहयोग से तैयार किये गए इस डिवाइस से चालान काटने की सूचना लोगों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी दी जाएगी।