पॉर्न फिल्मों को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, अभी तक हम सुनते थे कि अरबों डॉलर्स की पॉर्न इंडस्ट्री की शूटिंग के लिए करोड़ों डॉलर्स के सेट लगाये जाते हैं, बड़े-बड़े डायरेक्टर्स इन फिल्मों को शूट करते हैं और शूटिंग में महंगे कैमरों का इस्तेमाल होता है लेकिन मिली जानकारी के मुताबिक अब महिलाएं खुद ही अपनी पॉर्न फिल्मों की शूटिंग कर रही हैं।
कैली सिबारी बताती हैं कि जब वह 15 साल की थीं तो वह फिल्मों में करियर बनाने के लिए जापान से अमेरिका गई थीं और उन्होंने लॉस एंजेल्स में बतौर फिल्म प्रोडेक्शन डिजाइनर के तौर पर काम करना शुरु कर दिया था, लेकिन 2007 में हॉलीवुड के लेखकों ने हड़ताल कर दी, उसी समय सिबारी के एक दोस्त ने उन्हें पॉर्न फिल्मों का सुझाव दिया।
सिबारी ने कहा कि पॉर्न में मोटी लड़कियां नहीं दिखतीं और सच में इंडस्ट्री में कोई मोटी एशियन लड़की नहीं थी लेकिन 2016 में वह पहली प्लस साइज की मॉडल बनीं जिसे पेंटाहाउस ने अपने पेज पर जगह दी। हालांकि इस तरह के काम में उन्हें ज्यादा स्वतंत्रता नहीं मिल रही थी इसलिए उन्होंने 'माई स्टोरी' नाम से वह चीजें बनाना और उनका प्रचार करना शुरू कर दिया जिसे वह काफी समय से करना चाहती थीं।
सिबारी ने बताया कि वह किसी सीमा को नहीं तोड़ना चाहती थीं, शुरुआत में पॉर्न फिल्म करना राजनीति का हिस्सा नहीं था, वह तो केवल अच्छा समय और पैसा कमाना चाहती थीं। सिबारी का कहना है कि अब हर इंसान अपनी इच्छा से अपना शो चला सकता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथर्न कैलीफोर्निया ने कहा कि अब अपना खुद का कंटेंट प्रोड्यूस करना और उसका प्रचार करना बहुत आसान है, इससे इंसान आत्मनिर्भर बनता है और अपने बॉस पर उसकी निर्भरता कम होती है।
टेक पिंक और व्हाइट प्रोडक्शन को चलाने वाली डायरेक्टर साइन लोयाइज होस्टन ने बताया कि पहले वह एक सेक्स शॉप के लिए काम करती थीं लेकिन फिर उन्होंने अपनी फिल्म डायरेक्ट करने के बारे में सोचा। उनकी पहली फिल्म क्रैश पैड(2006) में उन्होंने जिज ली को कास्ट किया था।