यात्रियों को ट्रेनों की अब सटीक जानकारी मिलेगी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ मिलकर रेल मंत्रालय रियल-टाइम ट्रेन सूचना प्रणाली (आरटीआईएस) के तहत रेल इंजन में इस डिवाइस को लगाने का काम तेज कर दिया है। अगले महीने तक 1700 रेल इंजन को इस तकनीक से लैस कर दिया जाएगा।
सभी दिशाओं में चलने वाली ट्रेनों की अब रियल टाइम रिपोर्टिंग होगी। इसका फायदा यह होगा कि यात्रियों को विभिन्न रूट पर चलने वाली ट्रेनों के टाइम-टेबल की जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही रेलवे ट्रेनों की लगातार मॉनीटरिंग करेगा। इसका फायदा यह भी होगा कि कोहरे के दौरान धीमी रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों की जानकारी के अनुसार यात्रियों को सही सूचना दी जा सकेगी।
दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-गुवाहाटी राजधानी ट्रेनों के इलेक्ट्रिक इंजनों में सफल परीक्षण के बाद रेलवे ने सभी ट्रेनों के इंजन में इस डिवाइस को लगाने जा रहा है। पहले फेज में कुल 2700 इलेक्ट्रिक इंजन में जीपीएस से लैस इस डिवाइस को लगाने का निर्णय लिया गया है। अगले महीने तक 1700 इंजन को इस सिस्टम से लैस कर दिया जाएगा। रेलवे ने 6700 रेल इंजन को भी इससे लैस करने का खाका तैयार किया है।