रेलवे अपने रनिंग स्टाफ का रनिंग भत्ता बढ़ाने जा रहा है। रेलवे के इस निर्णय से करीब एक लाख लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट, गार्ड व अन्य रनिंग स्टाफ को फायदा मिलेगा। रनिंग स्टाफ का भत्ता करीब दोगुना किया गया है। अभी रेलवे को वित्त मंत्रालय की स्वीकृति का इंतजार है। अधिकारियों के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने 255 रुपये प्रति 100 किलोमीटर से बढ़ाकर 525 रुपये रनिंग भत्ता कर दिया है।
इस योजना की स्वीकृति के बाद एक्सप्रेस, मेल, शताब्दी, सुपर फास्ट ट्रेन, राजधानी और मालगाड़ी के गार्ड व लोको पायलटों को 100 किलोमीटर अतिरिक्त ट्रेन चलाने पर 525 रुपये मिलेगा। 2016 में गठित अलाउंस कमेटी की सिफारिश पर यह निर्णय लिया गया है। वित्त मंत्रालय की मुहर लगने के बाद यह सुविधा मिलने लगेगी।
बोर्ड के इस निर्णय से घाटे में चल रहे रेलवे पर वित्तीय बोझ भी पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि इस फैसले से रेलवे पर सालाना करीब 2400 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ जाएगा। रेलवे का आपरेटिंग अनुपात लगातार बढ़ रहा है। अप्रैल 2018 से यह अनुपात 100 से 117 प्रतिशत तक पहुंच गया है। रेलवे की कमाई अगर सौ रुपये है तो खर्च 117 रुपया हो रहा है। चुनावी साल में रेलवे कर्मचारियों को नाराज नहीं होने देना चाहता है।