फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CCTV: अब देश में बिकेंगे सिर्फ मेड इन इंडिया सीसीटीवी, सरकार का बड़ा फैसला; आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा

Tue, 31 Mar 2026 11:27 PM IST
Himanshu Singh Chandel बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार ने एक अप्रैल से बिना एसटीक्यूसी प्रमाणन वाले विदेशी सीसीटीवी कैमरों की बिक्री पर रोक लगा दी है। अब देश में सिर्फ मेड इन इंडिया उत्पाद ही बिकेंगे। इस फैसले से चीन की कंपनियों को झटका लगा है, जबकि भारतीय कंपनियों को फायदा होगा। 
विज्ञापन
सीसीटीवी - फोटो : AI Generated
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश में सुरक्षा उपकरणों को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने फैसला किया है कि अब भारत में सिर्फ मेड इन इंडिया  सीसीटीवी कैमरे ही बेचे जाएंगे। एक अप्रैल से बिना प्रमाणित विदेशी सीसीटीवी उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस फैसले को देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

विज्ञापन


सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जिन सीसीटीवी कैमरों के पास एसटीक्यूसी प्रमाणन नहीं होगा, उन्हें बाजार में बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आयातित उत्पादों के पुराने स्टॉक को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 तक का समय दिया गया था। अब इस अवधि के खत्म होते ही नया नियम लागू हो गया है।

क्या है एसटीक्यूसी और यह क्यों जरूरी है?
एसटीक्यूसी यानी स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन एक सरकारी मानक है, जो किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा को जांचता है। सरकार का कहना है कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि बाजार में बिकने वाले सीसीटीवी सुरक्षित और भरोसेमंद हों।
विज्ञापन


क्या विदेशी कंपनियों पर पड़ेगा असर?
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर चीन की कंपनियों पर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक हिकविजन और टीपी-लिंक जैसी कंपनियों को एसटीक्यूसी प्रमाणन नहीं मिला है। ऐसे में उनके उत्पाद अब भारतीय बाजार में नहीं बिक सकेंगे। इससे विदेशी कंपनियों की पकड़ कमजोर होने की संभावना है।

ये भी पढ़ें- कांग्रेस का दावा- एफसीआरए संशोधन को जबरदस्ती पारित कराने की कोशिश में BJP, सांसदों को सत्र में शामिल होने के निर्देश

क्या कीमतों में बढ़ोतरी होगी?
ट्रेडर्स का कहना है कि इस फैसले के बाद सीसीटीवी कैमरों की कीमत में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इसका कारण यह है कि अब घरेलू कंपनियों को खुद तकनीक विकसित करनी होगी। खासकर चिप और मदरबोर्ड जैसे हिस्सों पर ज्यादा काम करना पड़ेगा, जिससे लागत बढ़ सकती है।

क्या भारतीय कंपनियों को मिलेगा फायदा?
घरेलू कंपनियों के लिए यह बड़ा अवसर माना जा रहा है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे भारतीय निर्माताओं को बराबरी का मौका मिलेगा और बाजार में उनकी हिस्सेदारी बढ़ेगी। यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ को भी मजबूती देगा।

क्या सप्लाई पर असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में अभी भी सीसीटीवी की मांग बहुत ज्यादा है, लेकिन उत्पादन सीमित है। अनुमान है कि अभी तक सिर्फ 5 प्रतिशत मांग ही पूरी हो पा रही है। ऐसे में घरेलू कंपनियों को अपनी उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ानी होगी, ताकि बाजार में कमी न हो।
विज्ञापन


क्या ग्राहकों पर असर पड़ेगा?
इस फैसले का असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। कीमतें बढ़ने और सप्लाई कम होने की स्थिति में छोटे शहरों और कस्बों में सीसीटीवी कैमरे महंगे हो सकते हैं। हालांकि सरकार का मानना है कि लंबे समय में इससे बेहतर गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।


अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें